दिल्ली हाईकोर्ट ने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज मामले में समाचार पोर्टल न्यूजक्लिक के मानव संसाधन विभाग प्रमुख अमित चक्रवर्ती की जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया। चक्रवर्ती के वकील ने कोर्ट से कहा था कि इस मामले में आरोपपत्र दाखिल हो चुका है। याचिकाकर्ता के सरकारी गवाह बनने के बाद उसे गवाह के रूप में उद्धृत किया गया है।
न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने तर्क सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया। इस मामले में चीन समर्थक दुष्प्रचार के लिए धन प्राप्त करने के आरोप में समाचार पोर्टल के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया था। वकील ने कहा कि कोर्ट के पास उसके मुवक्किल चक्रवर्ती को जमानत देने का विवेकाधिकार है। उनके मुवक्किल को निचली अदालत ने जनवरी में सरकारी गवाह बनने की अनुमति देते हुए माफी दे दी है और वह जांच में सहयोग भी कर रहा है।