ऑटो रिक्शा, टैक्सी जैसे पब्लिक ट्रांस्पोर्ट को छोड़कर अगर आपको इनके ही जैसा सस्ता, सेफ और कार की फील देने वाला वीइकल मिल जाए तो शायद आपसे ज्यादा खुश कोई ना हो। हम बात कर रहे हैं एक ऐसे ही ईको फ्रेंडली वीइकल की जिसे डिजाइन किया और बनाया है बजाज कंपनी ने और इसका नाम है 'क्वाड्रिसाइकल'।
केंद्र सरकार ने तो पहले ही इसे चलाने की मंजूरी दे रखी है पर दिल्ली में इसके चलाने पर इसलिए संशय बना हुआ था क्योंकि यहां ई-रिक्शा चलाने पर हाई कोर्ट का बैन है। पर पूरे देश के साथ ही अब यह क्वाड्रिसाइकल दिल्ली मे भी चलेगी।
कोर्ट ने एक पीआईएस पर सुनवाई करते हुए सोमवार को क्वाड्रिसाइकल को दिल्ली में चलाने की मंजूरी दे दी है। अगर इसके खासियत की बात करें तो फीचर्स में ये ऑटो से बेहतर है और यही नहीं कई मामलों में तो ये टैक्सी को भी मात दे सकती है।
2 लाख तक हो सकती है कीमत
अब दिल्लीवासियों को इसका आनंद मिलने में बस एक हां की देरी है और वो हां है दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग की जो क्वाड्रिसाइकल को अगर कमर्शल वीइकल के रूप में चलाने की मंजूरी दे दे तो बात बन जाए। मालूम हो कि क्वाड्रिसाइकल को बजाज ने दो साल पहले ही लॉन्च किया था पर अभी तक यह सड़कों पर उतरने का इंतजार कर रही है।
क्वाड्रिसाइकल बनाने वाली कंपनी बजाज के मुताबिक ये एक लीटर में 35 से 40 किमी प्रति घंटे की माइलेज और 70 किमी की टॉप स्पीड देने वाली और प्रति किमी केवल 60 ग्राम कार्बन छोड़ने वाली यह गाड़ी देश की सबसे ईंधन बचाने वाली ग्रीन वीइकल हो सकती है।
जानकारों के मुताबिक इसकी कीमत तो कंपनी ने तय नहीं की है पर यह करीब 2 लाख तक की हो सकती है। इसमें 200 सीसी का वाटर कूल्ड फ्यूएल इंजेक्टेड डीटीएसआई पेट्रोल इंजन लगा है, जिससे तकरीबन 20 पीएस पावर जनरेट होता है। इसका वजन 400 किलो होने की वजह से यह ए सेगमेंट की कारों की बराबरी पर खड़ा होता है। इसमें इंजन पीछे लगा है और फ्यूएल टैंक की क्षमता 44 लीटर है।
चार लोगों के बैठने की है जगह
आरई-60 के बेस मॉडल में डैशबोर्ड पर फेयर मीटर लगा हुआ है। डैश बोर्ड के केंद्र में अन्य उपकरण लगे हुए हैं, जबकि उसके ठीक नीचे गियर लीवर है। स्टेयरिंग के दोनों तरफ साइड इंडिकेटर्स और हेहलैंप नियंत्रक हैं। इस गाड़ी में ड्राइवर समेत चार लोग बैठ सकते हैं और तो और सीट बेल्ट भी हैं।
यह वीइकल ऑटो और कार किसी सूची में नहीं आता इसलिए इसके लिए सरकार को एक नई सूची बनानी होगी। वैसे दिल्ली की तत्कालीन सीएम शीला दीक्षित ने इसे चलाने के लिए कंपनी को मदद करने का पूरा वादा किया था। दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारी बताते हैं कि कंपनी ने औपचारिक रूप से इसे चलाने के लिए कोई एप्लीकेशन नहीं दिया है।
इसके लिए पहले कंपनी को इस गाड़ी की डिजायन पास करवानी होगी। बता दें कि क्वाड्रिसाइकल को चलाने से रोकने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दी गई थी जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए इसपर रोक लगाने से साफ इंकार कर दिया है।