दिल्ली हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को भाटी माइंस के सरकारी स्कूल को पाकिस्तान से आए तीन हिंदू भाई बहनों को दाखिला देने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने दिल्ली सरकार की रजामंदी के बाद यह निर्देश जारी किए।
न्यायाधीश राजीव शाकधर ने भाटी माइंस स्थित सरकारी को एड सीनियर सेकेंडरी स्कूल को संजिना बाई, मूना कुमारी और रवि कुमार को मौजूदा सत्र में कक्षा नौ में दाखिला देने को कहा है। इससे पहले स्कूल ने अधिक उम्र के कारण इन्हें दाखिला देने से इनकार कर दिया था। दिल्ली सरकार की ओर से पेश वकील रमेश सिंह ने कोर्ट से आदेश में मानवीय आधार पर दाखिला देने की अनुमति देने का जिक्र करने को कहा।
इस पर बच्चों की ओर से पेश वकील अशोक अग्रवाल ने कहा, इसमें मानवीय आधार की क्या बात है, हम कोई भीख नहीं मांग रहे बस अपने अधिकारों की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा, सरकारें कोई उपकार नहीं करते बस संवैधानिक जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में इसमें मानवीय आधार की बात गलत है।
इसके बाद जस्टिस राजीव शाकधर ने कहा, अशोक अग्रवाल सही कह रहे हैं ये कोई उपकार नहीं बल्कि बच्चों का अधिकार है। पाकिस्तानी नागरिक गुल शेर ने दिल्ली के सरकारी स्कूल द्वारा उसके बच्चों को दाखिला नहीं दिये जाने के बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। शेर पाकिस्तानी अधिकारों के अत्याचार के बाद भारत आ गए थे।