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एटीएम से छेड़छाड़ करते दिल्ली पुलिस का पूर्व हवलदार रंगे हाथ धरा, घटना सीसीटीवी में कैद 

Fri, 18 Oct 2019 04:15 AM IST
Mohit Mudgal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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जनकपुरी थाना पुलिस ने दिल्ली पुलिस के एक पूर्व हवलदार को एटीएम से छेड़छाड़ करते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखकर स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक की मुंबई स्थित मुख्यालय से पुलिस को इसकी सूचना मिली थी। जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी क्लोन कार्ड से रुपये निकाल रहा था। उसके पास से दो लाख रुपये, 61 क्लोन एटीएम कार्ड, 14 मोबाइल फोन, अंगूठी के आकार का गुप्त कैमरा के अलावा एक लैपटॉप और 14 पासबुक बरामद की हैं। पुलिस फर्जीवाड़ा का मामला दर्ज कर आरोपी से पूछताछ कर रही है।

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जिला पुलिस उपायुक्त दीपक पुरोहित ने बताया कि आरोपी की पहचान नांगलोई निवासी रवि कुमार मीणा के रूप में हुई है। मंगलवार देर रात पौने 12 बजे जनकपुरी थाने में स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के मुंबई स्थित मुख्यालय से जनकपुरी थाना पुलिस को एक कॉल मिली। इसमें बताया गया कि जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास स्थित एटीएम में लाल कुर्ता व पेंट पहने एक शख्स है जो मशीन के साथ छेड़छाड़ कर रहा है और बार बार कार्ड डालकर रुपये निकाल रहा है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने एटीएम पर दबिश दी। बताए हुलिए का शख्स एटीएम में मौजूद था, जिसे पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि रवि कुमार वर्ष 2004 से 2015 तक दिल्ली पुलिस में बतौर हवलदार कार्यरत रहा है। नौकरी से त्यागपत्र देने के बाद वह एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर लोगों के अकाउंट में सेंध लगाने लगा। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने अब तक कितने रुपये निकाले हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी पर पहले से चार मामले दर्ज हैं।
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यूट्यूब पर मौजूद वीडियो से क्लोन करने का तरीका सीखा  

जांच में पता चला कि रवि कुमार ऑनलाइन जुआ और सट्टा खेलने का आदी है। अपने भव्य जीवन शैली जीने के लिए नौकरी से इस्तीफा देकर वह आपराधिक वारदात को अंजाम देने लगा। वह अपने बैग में लगे गुप्त कैमरे से लोगों के एटीएम कार्ड की जानकारी हासिल करता था। साथ ही वह नोटबुक में मोबाइल लगाकर उससे वीडियो बनाता था। 

स्कीइंग मशीन के माध्यम से एटीएम बूथों पर जाने वाले ग्राहकों के एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर लेता था। क्लोन करने का तरीका उसने यूट्यूब पर मौजूद वीडियो से हासिल किया था। वह एटीएम कार्ड और उनकी वैद्यता की तारीख के जरिए कार्ड का सीवीवी जनरेट करता था। इसके बाद, वह एक कार्ड पर चुंबकीय टेप चिपकाकर एटीएम बूथ पर रुपये निकालने के लिए उपयोग करता था। 

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