दिल्ली हाईकोर्ट ने एकीकृत चिकित्सा के लिए जनहित याचिका में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यानी आईएमए को पक्षकार बनाया है। पीठ ने याचिकाकर्ता वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय से जब यह कहा तो उन्होंने कहा कि हमें कोई आपत्ति नहीं है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक जनहित याचिका पर आदेश देते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को पक्षकार बनाया है। कोर्ट ने चिकित्सकों के संगठन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को एक जनहित याचिका की कार्रवाई में पक्षकार बनाया है।
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इस याचिका में समग्र स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली शुरू करने की मांग की गई है। इसमें योग, आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा भी है। हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय से पक्षकार बनाने के बारे में कहा तो उन्होंने कहा कि हमें कोई आपत्ति नहीं है। कोर्ट की ओर से आईएमए के पक्षकार बनने के आवेदन को अनुमति दे दी।