वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। उन्होंने इसके साथ ही सुनवाई 8 नवंबर के लिए स्थगित कर दी। न्यायमूर्ति ने अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैये पर कहा कि आप चाहते हैं कि लोग गैस चैंबरों में रहें? आज दिल्लीवासी प्रदूषण के कारण जिस परेशानी में है, उसके लिए आप जिम्मेदार हैं।
ऐसी मशीनें हैं जो हवा की गुणवत्ता रिकार्ड करती है। मशीनें अधिकतम 999 रिकार्ड कर सकती है। आज, हम इसे छू रहे हैं.. यह अधिकारियों के बीच संवेदनशीलता की कमी है। उन्होंने यह टिप्पणी पेड़ों की कटाई को लेकर दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए की।
पांच सालों में सबसे प्रदूषित शहर दिल्ली
दिल्ली-एनसीआर में आज भी धुंध छायी हुई है। रेस्पाइरर की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली बीते पांच सालों में सबसे प्रदूषित शहर रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार, शुक्रवार सुबह आठ बजे तक दिल्ली के मुंडका इलाके का औसत एक्यूआई 500, आईटीओ में 451, नजफगढ़ में 472, आईजीआई एयरपोर्ट में 500, नरेला में 500 दर्ज किया गया।
दिल्ली में ग्रैप का तीसरा चरण लागू
वहीं नोएडा के सेक्टर-125 में एक्यूआई 400 पर 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गया है। सेक्टर-62 में 483, सेक्टर-1 में 413 और सेक्टर-116 में 415 पर 'गंभीर' श्रेणी में एक्यूआई रहा। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण में वृद्धि के बीच वायु गुणवत्ता पैनल ने गुरुवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तीसरे चरण के तहत प्रतिबंधों को लागू करने का निर्देश दिया है। जिसमें गैर-जरूरी निर्माण और तोड़-फोड़ के काम पर रोक शामिल है। सीएक्यूएम की मीटिंग के बाद राजधानी में ग्रैप-3 को लागू करने का फैसला लिया गया।