सेंगर के वकील ने अदालत को बताया कि सेंगर के अस्वस्थ होने तथा पूर्व विधायक होने के कारण उनके कई शुभचिंतक हैं। अदालत में उपस्थित पीड़िता की मां ने भी सेंगर को दी गई चिकित्सा राहत पर अपनी आपत्ति व्यक्त की।
इससे पहले 5 दिसंबर को पीठ ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को सेंगर की चिकित्सा स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था ताकि यह आकलन किया जा सके कि क्या जेल के भीतर उसका इलाज किया जा सकता है।
हाईकोर्ट ने 3 दिसंबर को सीबीआई भाजपा से निष्कासित नेता कुलदीप सिंह सेंगर की याचिका पर जवाब देने का निर्देश दिया, जो चिकित्सा आधार पर अपनी 10 साल की जेल की सजा को निलंबित करने की मांग कर रहे हैं।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी की अध्यक्षता वाली अदालत ने जेल अधिकारियों को सेंगर की चिकित्सा स्थिति पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया। सेंगर को 2017 में नाबालिग से बलात्कार के लिए दिसंबर 2022 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।