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HC ने माना क्रिमिनलों का फ्रेंड है ये पुलिसवाला

Mon, 03 Feb 2014 01:38 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
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हाईकोर्ट ने बदमाशों के आपसी झगड़े में सर्विस रिवॉल्वर से गोली चलाने वाले दिल्ली पुलिस के पूर्व हवलदार की अपील खारिज करते हुए जिला अदालत में सरेंडर करने का निर्देश दिया। हवलदार की अपराधियों से सांठगांठ थी और उनके आपसी झगड़े में उसने 1996 में एक बदमाश पर गोली चला दी थी।
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निचली अदालत ने उसे तीन साल की सजा सुनाई थी। जस्टिस एसपी गर्ग ने जिला अदालत के फैसले को कायम रखते हुए पूर्व पुलिसकर्मी लियाकत अली को जिला अदालत में सरेंडर करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची की बदमाशों से सांठगांठ थी।

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निचली अदालत ने लियाकात को जनवरी 1999 में हत्या की कोशिश का दोषी ठहराते हुए तीन साल कैद व चार हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस अदालती फैसले को लियाकत ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि वह दिल्ली पुलिस में हवलदार था और उसने सर्विस रिवॉल्वर का इस्तेमाल बदमाशों के दो गुटों का झगड़ा निबटाने के लिए किया।

पेश मामले के अनुसार लियाकत ने 12 मई 1996 को पूर्वी दिल्ली इलाके में अपने सर्विस रिवॉल्वर से संजय नामक बदमाश पर गोली चला दी थी। बदमाशों के दो गुटों में पैसों के बंटवारे को लेकर झगड़ा हो रहा था। लियाकत ने एक गुट की ओर से दूसरे के बदमाश पर गोली चला दी थी।
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