दिल्ली की एक अदालत ने कथित रूप से जबरन वसूली और संदिग्ध वित्तीय लेन देन से संबंधित मनी लॉड्रिंग (धन शोधन ) के एक मामले में गिरफ्तार पत्रकार उपेन्द्र राय की जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राकेश स्याल ने राय को यह कहकर राहत देने से इनकार कर दिया कि उनके खिलाफ लगे आरोप संगीन हैं।
अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के विशेष सरकारी वकीलों एन.के. मट्टा और नीतेश राणा की उन दलीलों पर गौर किया कि आरोपी को अगर जमानत पर रिहा किया गया तो वह गवाहों और जांच को प्रभावित कर सकते हैं।
संदिग्ध वित्तीय लेने देन से संबंधित एक मामले में तिहाड़ जेल में बंद राय को जमानत मिलने के कुछ ही समय बाद ईडी ने 8 जून को धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के तहत जेल से ही गिरफ्तार कर लिया था।