नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (डीएचसीबीए) ने जिला अदालतों की आर्थिक अधिकारिता को 2 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ करने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए 25 मई (सोमवार) को काम बंद रखने का फैसला किया है। डीएचसीबीए ने कहा कि इस प्रस्ताव से दिल्ली हाईकोर्ट के वकीलों और लिटिगेशन प्रैक्टिस पर गंभीर असर पड़ेगा। बार एसोसिएशन लंबे समय से इस प्रस्ताव का विरोध कर रहा है।
मई 2025 में दिल्ली जिला अदालतों के बार एसोसिएशन के समन्वय समिति ने कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और विधि आयोग को पत्र लिखकर जिला अदालतों की आर्थिक अधिकारिता बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने जजों की एक समिति गठित की, जो इस प्रस्ताव पर हितधारकों से चर्चा कर सिफारिश करने वाली है। डीएचसीबीए ने इस पूरे कदम का विरोध किया है और कहा है कि इतनी बड़ी बढ़ोतरी हाईकोर्ट के कामकाज और वकीलों के हितों के खिलाफ है। बार ने स्पष्ट किया है कि 25 मई को पूर्ण कार्य बहिष्कार रहेगा।