सिसोदिया ने कहा कि बैठक में एलजी से दिल्ली में बाहरी लोगों का उपचार करने के संबंध में सवाल किया तो बताया कि उन्हें इसका कोई आइडिया नहीं है कि दूसरे राज्यों के लोगों को इलाज की इजाजत देने से कितने लोग बाहर से दिल्ली से पहुंचेंगे।
दूसरी तरफ स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली के निजी अस्पतालों में 50 फीसदी लोग बाहर से इलाज कराने आते हैं और बड़े सरकारी अस्पतालों में यह आंकड़ा 70 फीसदी के करीब है। 31 जुलाई तक सिर्फ दिल्लीवालों के लिए 80 हजार बेड चाहिए। उपराज्यपाल से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी इसका कोई प्लान नहीं किया है।
उपराज्यपाल व दिल्ली सरकार के बीच टकराव का मामला
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट की बैठक में रविवार को फैसला लिया गया था कि दिल्ली के सरकारी और निजी अस्पतालों में बाहरी मरीजों का इलाज नहीं होगा। दिल्ली के अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का ही इलाज होगा। केजरीवाल सरकार के इस आदेश को उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सोमवार को पलट दिया था। उपराज्यपाल के इस फैसले पर दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी ने सख्त एतराज जताया है।