वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट के मुताबिक, इस बार दिल्ली सरकार ने अस्पतालों के लिए 6 हजार 215 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। इसमें से दिल्ली के सबसे बड़े लोकनायक अस्पताल के लिए 719 करोड़ रुपये, गुरु तेग बहादुर अस्पताल के लिए 497 करोड़ रुपये, जीबी पंत अस्पताल के लिए 490 करोड़ रुपये, दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के लिए 352 करोड़ रुपये, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के लिए 350 करोड़ रुपये और बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल के लिए 291 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मोहल्ला क्लीनिक की सुविधाओं को जारी रखने के लिए बजट में 212 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
दिल्ली के अस्पताल, मोहल्ला क्लीनिक सहित अन्य जगहों पर निशुल्क दवाइयों की सुविधा देने के लिए वित्त मंत्री ने 658 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। साथ ही नए अस्पतालों के निर्माण और रि-मॉडलिंग के तहत मौजूदा अस्पतालों के विस्तार के लिए बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
वहीं दिल्ली आरोग्य कोष के लिए 80 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस कोष की मदद से दिल्लीवालों को निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज, सर्जरी, रेडियोलॉजी, जांच सेवाएं और चिकित्सा उपचार की सुविधा दी जाएंगी। मरीजों को एक जगह से दूसरे जगहों पर ले जाने के लिए दिल्ली में सेंट्रलाइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज (कैट) की नई एंबुलेंस खरीदने के लिए 194 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मौजूदा समय में अस्पतालों में 13,708 बिस्तर
बजट में वित्त मंत्री ने कहा कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में वर्ष 2014 के मुकाबले बिस्तरों की संख्या डेढ़ गुना हो गई है। मौजूदा समय में अस्पतालों में 13,708 बिस्तर हैं। दिल्ली के 38 अस्पतालों में रोजाना 81 हजार से अधिक मरीज ओपीडी में आ रहे हैं।
वहीं हर माह 65,806 मरीजों को भर्ती करके इलाज दिया जाता है। दिल्ली में वर्तमान में 11 नए अस्पतालों का निर्माण हो रहा है। इनके तैयार होने के बाद 11,500 बिस्तर बढ़ेंगे, साथ ही मौजूदा अस्पतालों की रि-मॉडलिंग भी की जाएगी, जिससे अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या का इजाफा होगा। इनके लिए बजट में प्रावधान है। दिल्ली में 10 साल पहले कैट की करीब 155 एंबुलेंस थीं। मौजूदा समय में यह बढ़कर 380 हो गई हैं। इस बार बजट में नई एंबुलेंस की खरीद के लिए 194 करोड़ का प्रस्ताव है।
530 मोहल्ला क्लीनिक हो रहे संचालित
दिल्ली में 530 मोहल्ला क्लीनिक खोले गए हैं। यहां रोजाना 64 हजार लोगों को मुफ्त दवाएं, जांच और इलाज मिलता है। यहां सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए वर्ष 2024-25 में 212 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। इसके अलावा दिल्ली सरकार के अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की आपूर्ति, मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराने के लिए 658 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।