फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi: नहीं पेश हो सकी CAG रिपोर्ट, हाईकोर्ट ने विधानसभा की बैठक बुलाने का निर्देश देने से इनकार कर दिया

Fri, 24 Jan 2025 03:22 PM IST
श्याम जी. पीटीआई, नई दिल्ली

सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने सीएजी रिपोर्ट पेश करने के लिए राज्य विधानसभा की बैठक बुलाने का निर्देश देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने कहा कि मामले में दिल्ली सरकार की ओर से अत्यधिक देरी हुई है। 
विज्ञापन
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार द्वारा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की 14 रिपोर्ट को राज्य विधानसभा के समक्ष रखने में देरी पर सवाल उठाया गया था।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि वे रिपोर्ट पेश करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की याचिका को स्वीकार करने के लिए इच्छुक नहीं है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि दिल्ली सरकार ने कैग रिपोर्ट को आगे बढ़ाने में करीब 490 दिन की देरी की है। 13 जनवरी को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस देरी के लिए दिल्ली सरकार की तीखी आलोचना की थी। 

कोर्ट के समक्ष याचिका भाजपा विधायकों विजेंद्र गुप्ता, मोहन सिंह बिष्ट, ओम प्रकाश शर्मा, अजय कुमार महावर, अभय वर्मा, अनिल बाजपेयी और जितेंद्र महाजन ने दायर की थी। भाजपा विधायकों ने सीएजी रिपोर्ट को विधानसभा अध्यक्ष को भेजने और इन रिपोर्टों पर चर्चा और विचार-विमर्श के लिए विधानसभा की विशेष बैठक आयोजित करने की मांग की थी।
विज्ञापन


भाजपा विधायकों की और से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने तर्क दिया था कि याचिकाकर्ता संवैधानिक जनादेश की पूर्ति की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएजी के कर्तव्य संविधान के अनुच्छेद 149 और अनुच्छेद 151 के तहत दिए गए हैं और यह संसदीय लोकतंत्र की मूल विशेषता है। एलजी कार्यालय ने 3 जनवरी को एक हलफनामे में कहा कि आप सरकार अपनी देरी की रणनीति से बाज नहीं आ रही है। विधानसभा के सचिव ने भी एक संक्षिप्त जवाब दाखिल किया, जिसमें उन्होंने कहा कि वर्तमान में सीएजी रिपोर्ट को सदन में पेश करने का उद्देश्य पूरा नहीं होगा क्योंकि दिल्ली विधानसभा के चुनाव 5 फरवरी को तय है।

पिछले महीने उच्च न्यायालय ने दिल्ली विधानसभा के समक्ष सीएजी रिपोर्ट पेश करने में देरी के बारे में इसी तरह की चिंताओं को उठाने वाली एक याचिका का निपटारा किया था। उस समय, दिल्ली एलजी कार्यालय ने कहा था कि एलजी ने सीएजी रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है और अब बस सरकार को उन्हें विधानसभा के समक्ष पेश करना है। दिल्ली सरकार ने आश्वासन दिया था कि सीएजी रिपोर्ट को मंजूरी दे दी जाएगी। अध्यक्ष को भेजा जाए ताकि इसे दो या तीन दिनों के भीतर विधानसभा के समक्ष रखा जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें