कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण जेलों में बंद कैदियों के बीच भी संक्रमण का खतरा पैदा हो गया है। इसे देखते हुए सोमवार को आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली हाइकोर्ट के सामने राजधानी की जेलों से कैदियों की भीड़ कम करनो को लेकर प्रस्ताव पेश किया।
सरकार ने कहा कि कैदियों को विशेष पैरोल और फर्लो का विकल्प देकर जेलों की भीड़ कम की जी सकती है। ऐसा करने से जेल में कोरोना वायरस से संक्रमण की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
दिल्ली सरकार ने जस्टिस हेमा कोहली और सुब्रमण्यम प्रसाद की बेंच को बताया कि वह विशेष पैरोल और फर्लो के विकल्प प्रदान करने के लिए अपने जेल नियमों में संशोधन करना चाहते हैं।
इस प्रस्ताव को अदालत के सामने दिल्ली सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील अनुज अग्रवाल ने रखा। उन्होंनो कहा कि जेल नियमों में संशोधन कर दो नए प्रावधानों को शामिल करने के लिए एक दिन के भीतर अधिसूचना जारी की जाएगी।
इस प्रस्ताव पर गौर करते हुए अदालत ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह एक दिन के भीतर ही पेश किए प्रस्ताव को पूरा करने के लिए कदम उठाए।
दो वकीलों द्वारा स्थानांतरित की गई याचिका का निस्तारण कर कोरोनोवायरस महामारी को देखते हुए जेलों को बंद करने की मांग की है। इसके साथ ही अदालत ने इसी मामले से जुड़े दो और वकीलों की ओर से दायर याचिका का निस्तारण कर दिया है।
उनकी याचिका में भी कोरोना वायरस के मद्देनजर जेलों को खाली कराने की मांग की गई थी। अदालत ने यह कहते हुए उनकी याचिका का निस्तारण कर दिया कि इससे मिलते-जुलते एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है।