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मैनुअल सीवरेज मामला: सफाई कर्मचारी की मौत, पत्नी को 30 लाख देने के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची दिल्ली सरकार

Fri, 10 May 2024 08:18 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में सीवर में एक सफाई कर्मी की मौत के बाद कोर्ट ने उसकी विधवा पत्नी को 30 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। इसी आदेश के खिलाफ दिल्ली सरकार हाईकोर्ट पहुंच गई है। यह आदेश भी दिल्ली हाईकोर्ट से ही पारित हुआ था।
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दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को एकल न्यायाधीश के उस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसमें 2017 में हाथ से मैला ढोने के दौरान मारे गए एक सफाई कर्मचारी की विधवा को 30 लाख रुपये का बढ़ा हुआ मुआवजा देने का निर्देश दिया था।

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अदालत ने अपने आदेश में मृतक की विधवा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, साथ ही सरकार को उसे छह सप्ताह में बढ़ा हुआ मुआवजा देने को कहा है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन व न्यायमूर्ति मनमीत पीएस अरोड़ा की पीठ के समक्ष पेश दिल्ली सरकार के स्थायी वकील संतोष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि तत्कालीन शासनादेश के अनुसार विधवा को उसी महीने 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया था, जिस महीने उसके पति की मृत्यु हुई थी।

वकील ने कहा इसलिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला जिसने बाद में मैला ढोने के पीड़ितों के आश्रितों को देय मुआवजा बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दिया, उन पर लागू नहीं होगा।
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त्रिपाठी ने तर्क दिया कि चूंकि मुआवजे की राशि सरकारी खजाने से आती है, इसलिए लागू शासनादेश के अनुसार भुगतान हो जाने के बाद इस मुद्दे को शांत कर दिया जाना चाहिए। अदालत ने कहा, आप इस मामले में राशि का भुगतान करें, हम देखेंगे। फिलहाल आप अपीलकर्ता को छह सप्ताह के भीतर बढ़ी हुई राशि का भुगतान करने की व्यवस्था करें।

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