स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों के हिसाब से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने पर दिल्ली सरकार पर करीब 96.37 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। साथ ही, दिल्ली में पैदा होने वाले पूरे अनाज की खरीद भी प्रदेश सरकार को करनी होगी। मंगलवार को दिल्ली सरकार के कृषि सम्मेलन में यह आंकड़े सामने आए।
इसमें विकास मंत्री गोपाल राय, फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, नेफेड, कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। गोपाल राय का दावा है कि सम्मलेन में आए सुझावों और किसानों की राय से 10 फरवरी तक सरकार इसका अंतिम प्रस्ताव तैयार कर लेगी। सरकार हर हालत में किसानों को लागत का उचित का मूल्य देगी।
सम्मेलन के बाद गोपाल राय ने कहा कि सरकार स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशें लागू करने की दिशा में बढ़ रही है। इसके मुताबिक किसानों को प्रति क्विंटल गेहूं की खरीद 2616 और धान पर 2667 रुपये देने होंगे। केंद्र सरकार अभी 1840 और 1770 रुपये का एमएसपी दे रही है। गोपाल राय ने कहा कि केंद्र सरकार का एक सर्कुलर केंद्र से ज्यादा एमएसपी देने वाले राज्यों पर थोड़ी बंदिश लगाता है।