सर्दियां बढ़ने के साथ ही दिल्ली सरकार बेघरों के लिए अपना एक्शन प्लान 15 नवंबर से शुरू करेगी। दिल्ली अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड (डीयूएसाईबी) ने उन जगहों पर अस्थायी रैन बसेरे बनाने शुरू कर दिए हैं जो जहां बेघरों की संख्या ज्यादा है।
डीयूएसाईबी सदस्य बिपिन राय ने बताया कि इस साल 50 फायरप्रूफ टेंट लगाए गए हैं। इनसे अलग शहर के उन गरीब बेघर लोगों के लिए 198 स्थायी शेल्टर (83 बिल्डिंग और 115 पोर्टा केबिन्स) भी सरकार ने उपलब्ध कराए हैं। इन रैन बसेरों में गद्दे, कंबल और तकियों की सुविधा होगी जिन्हें कुछ-कुछ दिनों पर बदला भी जाएगा।
बिपिन राय ने ये भी बताया कि, 'इस साल हमने योजना बनायी है कि बेघर लोगों को प्रदूषण से निपटने के लिए मास्क भी उपलब्ध कराएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक ने 10-15 हजार प्रदूषण से निपटने वाले मास्क उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।'
राय ने आगे बताया कि एनजीओ ने डीयूएसाईबी के साथ उन क्षेत्रों की सूची शेयर की है जहां ज्यादा बेघर लोग रहते हैं। यह लिस्ट डीयूएसाईबी के इंजीनियरों के साथ भी साझा की गई है ताकि उच्च-गुणवत्ता वाली यूरोपीय स्टाइल के फायर प्रूफ टेंट लगा सकें। 2014 के एक सर्वे के अनुसार दिल्ली में 16760 बेघर लोग रहते हैं। वहीं 2011 के जनगणना के आंकड़ों के अनुसार 46724 बेघर लोग हैं। हालांकि सिविल सोसायटी का मानना है कि दिल्ली के जनसंख्या का 1 प्रतिशत हिस्सा सड़कों या फ्लाईओवर के नीचे रहता है।