संजय सिंह के मुताबिक, हालिया मामला राशन कार्ड से जुड़ा है। दिल्लीवालों को 2-3 महीनों से राशन नहीं मिल रहा है। दुर्भाग्य से अगर किसी की भूख से मौत हो जाए तो लोग सवाल मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से नहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से सवाल करेंगे।
संजय सिंह ने बताया कि मुख्य सचिव ने आप विधायकों पर मारपीट का आरोप लगाया तो पुलिस ने बगैर देरी किए दो विधायकों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि दिल्ली के मंत्री के साथ सचिवालय में मारपीट होती है, घटना का वीडियो भी मौजूद है, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
संजय सिंह का आरोप है कि मुख्य सचिव झूठ बोल रहे हैं। उनके साथ कोई मारपीट नहीं हुयी। अगर ऐसा हुआ होता तो वह मुख्यमंत्री आवास से ही न सिर्फ पीसीआर काल करते, बल्कि एमएलसी भी उन्हें तुरंत करानी थी।
संजय सिंह के मुताबिक, पूरा वाकया योजनाबद्ध तरीके से गढ़ा गया। इस मसले का तूल देकर सचिवालय में अराजकता फैलाई गयी। इसकी बड़ी वजह पीएनबी घोटाले, नीरव मोदी, कोठारी जैसे मुद्दे का दबाने की है।
संजय सिंह ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शहरी-नक्सली कहकर पूरी दिल्ली का अपमानित कर रहे हैं। भाजपा का मकसद आप व उसकी सरकार को खत्म करने की है।
दूसरी तरफ आशुतोष ने कहा कि पूरे देश ने सचिवालय में डीडीसी चेयरमैन आशीष खेतान और मंत्री इमरान हुसैन के साथ मारपीट को देखा है। पुलिस अगर चाहे तो सचिवालय के सीसीटीवी फुटेज देखकर पता लगा ले कि हमलवार कौन हैं।
लेकिन इस दिशा में जांच नहीं हो रही है। जबकि मुख्य सचिव के एक बयान को आधार बनाकर दो विधायकों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने सवाल कि देश में दो तरह की न्याय व्यवस्था कैसे चल रही है।