आउटकम बजट में सबसे बेहतर कामकाज करने वाले विभाग में विद्युत विभाग का पहला नंबर है। इस विभाग का 83 प्रतिशत काम ऑन ट्रैक रिकार्ड किया गया है। दूसरे स्थान पर महिला व बाल विकास विभाग है। इस विभाग का 80 प्रतिशत काम ऑन ट्रैक चल रहा है। तीसरे स्थान पर दिल्ली सरकार का प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा निदेशालय है। इस विभाग का 77 प्रतिशत काम ऑन ट्रैक है।
आउटकम बजट में सबसे फिसड्डी विभाग अनुसूचित जाति, जनजाति कल्याण विभाग साबित हुआ है। इस विभाग का 44 प्रतिशत काम ऑन ट्रैक रिकार्ड किया गया है तो 56 प्रतिशत काम ऑफ ट्रैक है। इसी तरह शहरी विकास विभाग और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड का 45 प्रतिशत काम ही ऑन ट्रैक है। बाकी 55 प्रतिशत काम ऑफ ट्रैक है।
क्या है आउटकम बजट
जब सरकार किसी योजना की शुरुआत करती है और बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर व पूंजीगत व्ययों के लिए धन आवंटित करती है तो ये आउटपुट होता है। लेकिन आउटकम से अभिप्राय उस योजना से लोगों को मिलने वाले लाभ से है। उदाहरण के लिए सरकार एक अस्पताल में एक एक्स-रे मशीन स्थापित करती है तो ये सरकार का आउटपुट है लेकिन मशीन के माध्यम से कितने की जांच हुई ये उसका आउटकम है। सरकार ने आउटकम बजट 31 दिसंबर 2021 तक के आंकड़ों के आधार पर तैयार किया।
दिल्ली सरकार ने आउटकम बजट में अनुसूचित जाति, जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग के लोगों की प्रगति से जुड़े 12 कार्यक्रमों, योजनाओं को शामिल किया गया। संबंधित विभाग का प्रदर्शन इसमें निराशाजनक है। इसके 56 फीसदी काम योजनानुसार नहीं चल रहे हैं। विधानसभा में पेश विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, पिछड़े वर्गों के कल्याण से जुड़े योजनाओं के 41 इंडिकेटर में से 27 का आकलन किया गया है।
इसमें से 44% इंडिकेटर ही ऑन ट्रैक हैं जबकि 56% कार्यक्रम ऑफ ट्रैक। दिसंबर 2021 तक 37,737 छात्रों को छात्रवृत्ति दी है। पिछड़े, अल्पसंख्यकों व अनाथ जैसे कमजोर तबके के बच्चों के लिए बनाए ईसापुर आवासीय विद्यालय में 836 विद्यार्थियों का दाखिला किया है। जयभीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना के तहत 46 कोचिंग संस्थानों का पैनल बनाया है, जिनमें 12297 छात्रों का नामांकन हुआ है।