स्कूलों को आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2020-21 में कोई भी स्कूल फीस नहीं बढ़ा सकता है। दिल्ली सरकार ने 18 अप्रैल को भी ऐसा ही आदेश जारी किया था, लेकिन जून के बाद से लगातार निदेशालय के पास शिकायतें आने लगीं कि स्कूल फीस को लेकर अभिभावकों को परेशान कर रहे हैं।
फीस नहीं मिलने पर छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं से बाहर किया जा रहा है। ऐसे में सख्त रवैया अपनाते हुए शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को एक बार फिर से आदेश जारी किया है कि वह सिर्फ अभिभावकों से प्रति माह ट्यूशन फीस ही वसूल सकते हैं।
‘स्कूलों से फीस लौटाने का एफिडेविट मांगना चाहिए’
दिल्ली पैरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष अपराजिता गौतम कहती हैं कि अप्रैल में जारी आदेश के बाद भी स्कूलों की मनमानी पर कोई रोक नहीं लगी। अब देखना होगा कि इस आदेश में फीस ज्यादा लेने या अन्य शुल्क लेने पर कितने स्कूल अतिरिक्त फीस वापस करेंगे। आदेश में फीस लौटाने का एफिडेविट स्कूलों से मांगना चाहिए था। वहीं सेक्शन-24 की जगह सेक्शन-20 के तहत कार्रवाई की जाने की बात करनी चाहिए थी। सेक्शन-20 में स्कूल टेकओवर करने की बात है।