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कौशल प्रशिक्षण से श्रमिक होंगे कुशल: दिल्ली सरकार ने शुरू किया मिशन कुशल कर्मी कार्यक्रम, मिलेंगे 4200 रुपये

Thu, 07 Jul 2022 05:41 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली सरकार ने मिशन कुशल कर्मी कार्यक्रम शुरू किया है। इसमें 15-15 दिन के एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से श्रमिकों का कौशल बढ़ाया जाएगा। सरकार का दावा है कि प्रशिक्षण के बाद श्रमिकों की आय में भी वृद्धि होगी और वे अपना जीवनस्तर बेहतर कर पाएंगे। 
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मिशन कुशल कर्मी कार्यक्रम लांच करते उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली सरकार राजधानी के श्रमिकों को कौशल प्रदान कर कुशल बनाएगी। इसके लिए सरकार ने मिशन कुशल कर्मी कार्यक्रम लांच किया है, जिसके तहत दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय (डीएसईयू) दिल्ली कंस्ट्रक्शन बोर्ड के साथ मिलकर निर्माण श्रमिक कौशल विकास कार्यक्रम करेंगे।

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श्रम मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कौशल विश्वविद्यालय द्वारा सिम्पलेक्स, नरेडको और इंडिया विजन फाउंडेशन के साथ निर्माण श्रमिकों व राजमिस्त्रियों आदि को कुशल कारीगर बनाने के लिए शुरू किया गया यह कार्यक्रम बेहद खास है। इसमें 15-15 दिन के एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से श्रमिकों का कौशल बढ़ाया जाएगा। एक साल में दो लाख श्रमिकों को विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रयास से कौशल बढ़ने के साथ श्रमिकों की आय में भी आठ हजार रुपये तक की बढ़ोतरी होगी। साथ ही, निर्माण कंपनियों को अच्छे व स्मार्ट तरीके से काम करने वाले श्रमिक मिलने से काम बेहतर होगा, बर्बादी कम होगी और भरपूर बचत होगी।

सिसोदिया ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान श्रमिकों की दिहाड़ी का नुकसान न हो, इसके लिए प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सभी श्रमिकों को 4200 रुपये भी दिए जाएंगे। आमतौर पर ऐसा होता है कि लोगों को प्रशिक्षण लेने के लिए किसी संस्थान जाना होता है, लेकिन देश में यह पहली बार है कि जब कोई विश्वविद्यालय वही जाकर श्रमिकों को प्रशिक्षण देने का काम कर रहा है, जहां श्रमिक काम कर रहे हैं।
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प्रशिक्षण के बाद श्रमिकों की आय में होगा इजाफा
दिल्ली विधानसभा की शिक्षा स्थायी समिति की अध्यक्ष आतिशी ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से हम उन निर्माण श्रमिकों को प्रशिक्षण देने का काम करेंगे, जो शहरों के निर्माता हैं। कार्यक्रम की मदद से निर्माण श्रमिक अपने कौशल में कुछ और नया जोड़ पाएंगे, जो उन्हें आगे बढ़ने में मदद करेगा। प्रशिक्षण के बाद श्रमिकों की आय में भी वृद्धि होगी और वे अपना जीवनस्तर बेहतर कर पाएंगे। डीएसईयू अभी तीन जगहों पर ऐसे प्रशिक्षण केंद्र चला रहा हैं। आने वाले दिनों में इनकी संख्या बढ़ेगी।

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