सरकार की तरफ से एकल उपयोग प्लास्टिक (एसयूपी) पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद व्यापारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ग्राहकों को किस तरह की थैली में सामान दें, इसे लेकर वह दुविधा में हैं।
एकल इस्तेमाल वाले प्लास्टिक पर पाबंदी को लेकर व्यापारियों में असमंजस की स्थिति बरकरार है। ग्राहकों को किस तरह की थैली में सामान दें, इसे लेकर वह दुविधा में हैं। पूछने पर अधिकारी जवाब देते हैं कि बैग को जलाकर देखो, अगर जलते समय बैग से नीचे कुछ टपकेगा तो वह बैन है। ऐसा न होने की सूरत में वह ठीक है। बाकी जानकारी सरकार की वेबसाइट पर मिलेगी।
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सरोजिनी नगर मिनी मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक रंधावा ने बताया कि पिछले दो दिनों से एनडीएमसी स्वास्थ्य विभाग की टीम बाजार में पहुंचकर कपड़े के थैले के प्रयोग करने पर भी नियमों का उल्लंघन बता रही है। जब उनसे पूछा जाता है कि किस तरह के थैले का इस्तेमाल करें, तो वह जलाकर देखने की नसीहत देती हैं। ऐसी स्थिति में दुकानदार दुविधा में है। अधिकारियों को यह बताने की जरूरत है कि विकल्प क्या है, ताकि 10 जुलाई से जुर्माना नहीं देना पड़े।
उधर, डीएम सोनिका सिंह ने बुधवार को प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पाबंदी को लेकर चर्चा की। उन्होंने व्यापारियों को बताया कि 19 वस्तुएं प्रतिबंध की सूची जारी की गई हैं। एकल प्रयोग प्लास्टिक के इस्तेमाल पर जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुलाकात के दौरान फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के चेयरमैन परमजीत सिंह पम्मा व अध्यक्ष राकेश यादव यादव ने डीएम को जानकारी दी कि व्यापारियों के पास अभी कोई भी ऐसा विकल्प नहीं है जो इन वस्तुओं के प्रतिबंधित होने के बाद अपनाया जा सके। वहीं, व्यापारी इसलिए भी परेशान हैं कि उन्होंने लाखों रुपये की थैली का स्टॉक जमा कर रखा है।