दिल्ली में प्रदूषण और ऑड-ईवन पॉलिसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने एक नई पुनर्विचार अर्जी दायर की है। नई अर्जी में सरकार ने एनजीटी से अनुरोध किया है कि दुपहिया वाहन और महिला ड्राइवर को एक साल के लिए ऑड-ईवन से राहत दी जाए।
जबतक सरकार 2000 अतिरिक्त बसों का प्रबंध कर लेगी। साथ ही यह भी कह कि अन्य राज्यों को भी प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए ऑड-ईवन पॉलिसी को अपना लेना चाहिए।
Delhi Govt files fresh review petition before NGT in connection with #OddEven policy, requests to exempt two wheeler and women drivers for one year or till 2000 additional buses are engaged. Also requests to direct neighboring states to implement Odd Even Scheme.
— ANI (@ANI) November 14, 2017
एनजीटी ने दिल्ली सरकार को बुरी तरह फटकार लगाई
odd even
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर जारी आरोप-प्रत्यारोपों के बीच आज एनजीटी ने दिल्ली सरकार को बुरी तरह फटकार लगाई है। एनजीटी ने दिल्ली सरकार द्वारा दोपहिया वाहनों और महिला ड्राइवरों के लिए ऑड-ईवन स्कीम के तहत मांगी गई छूट पर सरकार को लताड़ लगाई। इसके बाद सरकार ने अपनी पुनर्विचार याचिका वापस ले ली है।
एनजीटी ने पूछा कि आखिर आप क्यों चाहते हैं कि महिलाओं को ऑड-ईवन स्कीम के तहत छूट दी जाए। आप क्यों नहीं ऑड-ईवन के दौरान उनके लिए महिला बस चलाते हैं।
इसके साथ ही दोपहिया वाहनों पर मांगी गई छूट के लिए एनजीटी ने कहा कि जब रिपोर्ट्स कहती हैं कि दोपहिया वाहन चार पहिया वाहन से ज्यादा प्रदूषण करते हैं तो आपको इनके लिए छूट क्यों चाहिए। क्या ये कोई मजाक है? आखिर लोगों को ऐसे ऑड-ईवन से क्या हासिल होगा?
पुनर्विचार याचिका वापस ली
- फोटो : विवेक निगम/अमर उजाला, नई दिल्ली
इसके बाद दिल्ली सरकार ने दोपहिया वाहनों और महिला ड्राइवर वाली कारों को ऑड-ईवन से छूट देने वाली अपनी पुनर्विचार याचिका वापस ले ली है। एनजीटी ने दिल्ली सरकार को ये भी हिदायत दी है कि अगली बार अगर एनजीटी में ऐसी याचिका लेकर आएं तो लॉजिकल एक्सप्लेनेशन दें।
एनजीटी ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए ये भी कहा कि बच्चों को दूषिण फेफड़े उपहार में ना दें। उन्हें मास्क पहनकर स्कूल जाना पड़ता है। आपके अनुसार आखिर हेल्थ इमरजेंसी क्या है? जब पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंचे तो बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए उसकी रोकथाम खुद ब खुद लागू हो जानी चाहिए।