दिल्ली सरकार ने दिवाली के मद्देनजर सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट पर रखने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों के चिकित्सा
अधीक्षकों को पर्याप्त दवाओं का भंडारण के साथ साथ आपातकालीन सेवाएं चुस्त रखने के आदेश जारी किए हैं।
आतिशबाजी के दौरान झुलसने की घटनाओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। दो दिन तक अवकाश और बाकी दिनों में ओपीडी समयानुसार संचालित रहेंगी। इस बार रविवार को दीपावली होने के चलते ज्यादा दिक्कतें नहीं आएंगी। लेकिन आपातकालीन सेवाओं में रेजीडेंट के अलावा वरिष्ठ डॉक्टरों की मौजूदगी को अनिवार्य किया है। वहीं दिल्ली एम्स, सफदरजंग और आरएमएल अस्पताल को भी आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2014 से 2018 के बीच दिल्ली में पटाखे व आतिशबाजी से जलने वालों की लगातार कमी देखने को मिल रही है। बीते दिनों
सफदरजंग अस्पताल की सामने आई एक अध्ययन रिपोर्ट इम्पैक्ट ऑफ बैन ऑन फायरक्रैकर्स इन दिल्ली-एनसीआर के अनुसार दिल्ली में पटाखों से
झुलसने वालों की संख्या में 63 फीसदी कमी आई है।
डॉक्टरों ने रिपोर्ट में सलाह दी है कि अगर पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगता है तो जलने वाले मरीजों में काफी कमी आ सकती है। इस बार दिल्ली पुलिस की ओर से भी पटाखों की बिक्री पर सख्ती की गई है।
ये अध्ययन रिपोर्ट इंडियन जर्नल ऑफ बर्न में भी प्रकाशित हो चुकी है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार से लेकर मंगलवार तक पांच दिन के लिए दिल्ली के सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है। ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।