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दिल्ली: बगैर राशन कार्ड वालों को केजरीवाल सरकार ने दी राहत, मिलता रहेगा मुफ्त राशन, दायरे में आएंगे 40 लाख लोग

Wed, 06 Oct 2021 12:59 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली कैबिनेट ने अपने फैसले में कहा है कि दिल्ली में करीब 40 लाख गैर-पीडीएस लाभार्थी लाभांवित होंगे। कैबिनेट ने खाद्यान्न खरीदने, वितरण और परिवहन के लिए 48.12448 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी है।
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राशन डिपो (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली सरकार ने दिल्ली में रह रहे आर्थिक रूप से कमजोर उन जरूरतमंदों को बड़ी राहत दी है, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है। ऐसे जरूरतमंद लोगों को आगे भी मुफ्त राशन मिलता रहेगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि राहत योजना आगे जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

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दिल्ली कैबिनेट ने अपने फैसले में कहा है कि दिल्ली में करीब 40 लाख गैर-पीडीएस लाभार्थी लाभांवित होंगे। कैबिनेट ने खाद्यान्न खरीदने, वितरण और परिवहन के लिए 48.12448 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी है। दिल्ली सचिवालय में हुई बैठक में कोविड-19 महामारी के जारी रहने तक गैर पीडीएस लाभार्थियों को, प्रवासी कामगारों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आगे भी मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया जिसे कैबिनेट ने सर्व सम्मति से मंजूरी प्रदान कर दी।
 
कैबिनेट में प्रस्ताव रखा गया कि कोविड-19 के दौरान लगाए गए लॉकडाउन के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, जिसमें विशेष रूप से जिनके पास राशन कार्ड नहीं है। इसमें प्रवासी श्रमिक, असंगठित श्रमिक, भवन और निर्माण श्रमिक, घरेलू नौकर शामिल हैं।
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प्रति व्यक्ति 4 किलो गेहूं और एक किलो चावल है योजना में शामिल
उल्लेखनीय है कि दिल्ली कैबिनेट 25 मई 2021 को ऐसे जरूरतमंद लोगों को मुफ्त सूखा राशन (खाद्यान्न) देने का निर्णय लिया था। एनएफएस अधिनियम 2013 के तहत निर्धारित पात्रता के अनुसार, प्रवासी श्रमिकों, असंगठित श्रमिकों, निर्माण श्रमिकों, घरेलू सहायिका सहित जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उन जरूरतमंद लोगों को 5 किलो खाद्यान्न मुफ्त दिया गया। इसके तहत प्रति व्यक्ति प्रति माह 4 किलो गेहूं और एक किलो चावल शामिल है।

कैबिनेट के इस फैसले से दिल्ली में रह रहे करीब 20 लाख लोग लाभांवित हुए और अब लाभार्थियों की संख्या में काफी इजाफा हो गया है। इसके अलावा एनएफएसए के तहत नियमित आवंटन के तहत 72.78 लाख पीडीएस लाभार्थियों को मुफ्त में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। दिल्ली सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री के अनुमोदन से विभाग द्वारा दिनांक 27 मई 2021 को कोविड-19 के मद्देनजर उपरोक्त राशन के वितरण के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। 

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स्कूल खुलने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था

दिल्ली में स्कूल खुलने की संभावना को देखते हुए सरकार ने लाभार्थियों को खाद्यान्न वितरण के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर रही है। साथ ही राशन के लिए दिल्ली सरकार-राशन ई-कूपन-कोरोना राहत वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण किया सकता है। 

राशन वितरण के दौरान सुरक्षा और कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन कराने के लिए प्रति वितरण केंद्र पर चार सिविल डिफेंस कर्मचारी तैनात रहेंगे। अनुमान लगाया गया है कि लगभग 100 वितरण केंद्रों की आवश्यकता होगी। एक केंद्र प्रति सर्कल और 30 अतिरिक्त केंद्र उन क्षेत्रों में खोले गए हैं, जहां प्रवासी मजदूर रहते हैं।

इन अतिरिक्त 30 केंद्रों को लोगों की मांग के अनुसार चालू किया जाएगा। दिल्ली में गैर-पीडीएस अनाज को लक्षित लाभार्थियों को चिंहित स्थान या स्कूल के माध्यम से वितरित किया जाएगा। दिल्ली सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में 100 स्थानों को चिंहित किया है। 

282 चिंहित वितरण केंद्रों से राशन दिया जा रहा है
फिलहाल दिल्ली में 282 चिंहित वितरण केंद्रों, शिक्षा विभाग के स्कूलों, तीनों नगर निगमों और एनडीएमसी के जरिए जरूरतमंद लोगों को 5 जून से वितरित किया जा रहा है। अभी लाभार्थियों को खाद्यान्न का वितरण शिक्षा विभाग के चिंहित 282 विद्यालयों और तीन नगर निगमों और एनडीएमसी से किया जा रहा है। 
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