अब निजी अस्पतालों को ये विश्वास दिलाया जा रहा है कि अगर उनके यहां सरकारी अस्पताल से रेफर होकर कोई मरीज आता है तो वे उसे वेंटीलेटर उपलब्ध करा सकते हैं। इसका जो भी खर्चा होगा, वो दिल्ली सरकार 15 दिन के भीतर संबंधित अस्पताल को उपलब्ध कराएगी। हालांकि इसमें एक शर्त सरकार ने ये भी रखी है कि अगर समय पर अस्पताल को भुगतान करते हैं तो संबंधित अस्पताल को उन्हें तीन फीसदी तक छूट देनी होगी।
अगर भुगतान समय पर नहीं होता है तो 1 फीसदी का जुर्माना सरकार को भरना होगा। भुगतान की इस प्रक्रिया को लेकर प्राइवेट अस्पतालों से बातचीत की जा रही है। फ्री वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए लगभग 48 अस्पताल को चुना गया है और यह सभी वही अस्पताल हैं जो सरकारी जमीन पर बने हैं।