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दिल्ली सरकार के अड़ंगे से अधर में फंसी हाईस्पीड मेट्रो, पैसे देने से किया इंकार

Fri, 24 Jun 2016 10:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा

सार

  • दिल्ली सरकार एनओसी पर राजी, धनराशि देने से किया इनकार
  • एयरपोर्ट तक के अन्य विकल्पों पर विचार-विमर्श शुरू
  • डीएमआईसी कंपनी से मिल सकती है वित्तीय मदद
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मेट्रो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी से इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक हाईस्पीड मेट्रो चलाने की योजना पर पैसे का पेंच फंसता दिख रहा है। बृहस्पतिवार को बैठक में दिल्ली सरकार एनओसी देने को तो राजी हो गई, लेकिन पैसा खर्च करने से मना कर दिया।
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ग्रेटर नोएडा से इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक हाईस्पीड मेट्रो चलाने का प्रस्ताव प्राधिकरण की तरफ से तैयार किया गया था।  इसके बनने से न सिर्फ ग्रेटर नोएडा, बल्कि नोएडा और यमुना सिटी में रहने वाले लोग भी एयरपोर्ट से सीधे जुड़ सकते हैं।

ये मेट्रो बोड़ाकी परी चौक, मयूर विहार फेज वन, तुगलकाबाद और एयरोसिटी से होकर गुजरनी है। बोड़ाकी से होकर ही दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और इंडस्ट्रियल टाउनशिप प्रस्तावित है। इस परियोजना से तीनों शहरों में औद्योगिक विकास और तेजी से बढ़ सकता है। दिल्ली से नोएडा-ग्रेटर नोएडा आने वालों को भी फायदा होगा।
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प्राधिकरण की मंशा थी कि इस परियोजना की कुल लागत का 50 फीसदी उत्तर प्रदेश और 50 फीसदी दिल्ली सरकार वहन कर ले। दिल्ली सरकार के साथ बृहस्पतिवार को बैठक तो हुई, जिसमें एयरपोर्ट तक की मेट्रो को एनओसी देने पर दिल्ली सरकार राजी हो गई, लेकिन धनराशि देने से मना कर दिया है। ऐसे में यह प्रोजेक्ट फंसता नजर आ रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण भी इतनी खर्च अकेले उठाने में सक्षम नहीं है।

अब नए विकल्प की तलाश शुरू
बृहस्पतिवार शाम को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में डीएमआईसी, रेलवे और डीएमआरसी के साथ बैठक हुई, जिसमें प्राधिकरण ने दिल्ली सरकार के साथ हुई बातचीत से अवगत कराया। इस पर डीएमआईसी अधिकारियों ने वित्तीय मदद का संकेत देते हुए तीन विकल्प भी सुझाया। उनका कहना था कि हाईस्पीड मेट्रो आईजीआई तक चलाने के अलावा दो विकल्प और भी हैं, जिस पर प्राधिकरण विचार कर सकता है।

पहला यह कि नई दिल्ली से एयरपोर्ट तक हाईस्पीड मेट्रो चल रही है। ऐसे में बोड़ाकी से इस रूट को नई दिल्ली से जोड़ा सकता है। दूसरा विकल्प यह कि बोड़ाकी से मयूर विहार वन तक हाईस्पीड मेट्रो चलाई जाए। वहां से यात्री सामान्य मेट्रो से स्टेशन तक जा सकेंगे। इस जगह से एयरपोर्ट तक जाने वाले यात्रियों को सीधी मेट्रो रूट का विकल्प मिल जाएगा। अब इन तीनों रूटों पर विचार कर एक रूट फाइनल होगा। जिसकी डीपीआर तैयार की जाएगी।

55 मिनट में बोड़ाकी से आईजीआई का सफर
करीब 53 किमी लंबे इस रूट को बनाने में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत आने का अनुमान है। प्लान के मुताबिक हाईस्पीड मेट्रो 55 मिनट में बोड़ाकी से आईजीआई का सफर पूरा करेगी। इस दौरान इसकी अधिकतम स्पीड 180 किमी प्रति घंटा तक होने की बात कही जा रही थी।

बोड़ाकी से एयरपोर्ट तक हाईस्पीड मेट्रो को एनओसी देने के लिए दिल्ली सरकार तैयार है, लेकिन फंड देने से मना कर दिया है। इसलिए एयरपोर्ट तक के लिए मेट्रो के अन्य विकल्पों पर विचार किया जाएगा। इसका कोई न कोई हल निकल अएगा। दीपक अग्रवाल, सीईओ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
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