दिल्ली सरकार एक ओर नई बसें खरीदने के दावे कर रही है तो दूसरी ओर सड़कों पर डीटीसी बसों की कमी और गहराती जा रही है। आलम ये है कि कुछ रूटों से डीटीसी बसें पूरी तरह गायब हैं। इस कारण यात्रियों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई रूटों पर रात 8 बजे के बाद बस स्टॉप पर यात्री बस का इंतजार ही करते रह जाते हैं।
नंदनगरी निवासी सुधीर का कहना है कि नत्थू कॉलोनी चौक पर बने फ्लाईओवर में दरार आने के बाद से इसके दोनों ओर लोहे के हाइट बैरियर्स लगा दिए गए हैं। इससे बसें रास्ता बदलकर जाती हैं। ऐसे में यात्री बसों के इंतजार में खड़े रहते हैं।
यहां रूट संख्या 33 भजनपुरा-नोएडा, रूट संख्या 333 जहांगीरपुरी-आनंद विहार, 205 सीमापुरी-मोरी गेट आदि की बसें चलती हैं। यात्रियों ने डीटीसी से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
दूसरी ओर, रूट नंबर 127 शालीमार बाग-पुरानी दिल्ली, रूट संख्या 10 केंद्रीय सचिवालय-आदर्श नगर, 11 सावन पार्क, 12, 116, 107, 108, 125, 100, 106, 164, 127, 163, 166, 167, 114, 157, 136 और 520 आदि पर डीटीसी की सेवा बंद कर दी गई हैं। कुछ पर एकाध ही बस चल रही है।
यात्रियों का कहना है कि रात के समय बसों की फ्रिक्वेंसी बेहद कम है। रूट 73, 729, 85, 604, 623, 317, 260, 33, 901, 540 आदि पर रात 8 बजे के बाद कोई डीटीसी बस नहीं दिखती। सड़कों पर बसों की कमी को लेकर यात्रियों ने सोशल मीडिया के जरिए परिवहन मंत्री, मुख्यमंत्री और डीटीसी से शिकायतें की हैं। इस मामले में डीटीसी प्रबंधन का कहना है कि यात्री अपनी शिकायतें डीटीसी अधिकारियों को दे सकते हैं।