मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का दावा है कि दिल्ली के दो करोड़ लोगों की मेहनत, सूझबूझ और सावधानी की वजह से पिछले कुछ हफ्तों से कोरोना की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है। आज दिल्ली मॉडल की चर्चा पूरे देश-दुनिया में हो रही है कि दिल्ली के लोगों ने मिलकर किस तरह से कोरोना को नियंत्रित किया है। एक तरफ जहां देश और दुनियाभर में कोरोना के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वहीं, दिल्ली में लगातार गिरावट आ रही है। दिल्ली में रिकवरी दर 88 प्रतिशत है। साथ ही अब केवल 9 प्रतिशत लोग बीमार हैं। मौतों का आंकड़ा 2 से 3 फीसदी के बीच है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि दिल्ली में कोरोना से मरने वालों की संख्या में भारी गिरावट आई है। मसलन, कल केवल 21 लोगों की मौत हुई, जबकि जून में प्रतिदिन 100 से अधिक लोगों की मौत हो रही थी। अब प्रतिदिन 20 से 25 मौत हो रही हैं। पहले 100 लोगों का टेस्ट करते थे तो 35 लोग संक्रमित निकलते थे, लेकिन अब 100 लोगों का टेस्ट करते हैं तो केवल 5 लोग पॉजिटिव मिलते हैं। इस तरह पॉजिविटी औसत में भी काफी कमी आई है। इस समय दिल्ली के कोविड अस्पतालों में 15500 बेड का इंतजाम हैं, जिसमें से केवल 2800 मरीज अस्पतालों में हैं। अभी भी 12500 बेड खाली हैं।