हैवानियत की पराकाष्ठा से आगे जाते हुए हैदराबाद में कुछ लोगों ने एक युवा महिला पशुचिकित्सक (27) के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया और फिर उसे जिंदा ही जला दिया। इसके बाद उसकी अधजली लाश को पुल से नीचे फेंक दिया गया।
जिस तरह निर्भया को मदद का भरोसा देकर बस में बैठा लिया गया था, उसी तरह मदद का झांसा यहां भी देकर इंसानियत को शर्मसार कर दिया गया। यहां के शादनगर थाने में हुई इस घटना के प्रकाश में आने के बाद शुक्रवार को पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी पेशे से ट्रक ड्राइवर और उसके सहायक हैं। इस पशुचिकित्सक का शव शादनगर के बाहरी इलाके में बृहस्पतिवार को बरामद हुआ था। पुलिस को शक है कि इस पशुचिकित्सक के साथ दुष्कर्म करने के बाद हत्या की गई है।
इस पीड़िता की छोटी बहन ने पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा था कि बुधवार रात नौ बजकर 22 मिनट पर उसकी इस बड़ी बहन से बात हुई थी और उसने कहा था कि वह एक टोल प्लाजा के पास है और किसी ने उसकी स्कूटी के टायर की हवा निकली होने की बात कह कर मदद की पेशकश की थी।
गृहराज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह तेलंगाना सरकार के संपर्क में हैं ताकि दोषियों को मृत्युदंड दिलवाया जा सके। उन्होंने कहा कि मामले में लिप्त लोगों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए और किसी वकील को उनका मुकदमा नहीं लड़ना चाहिए।
सोशल मीडिया पर आया उबाल
इस घटना के सामने आने के बाद से पूरे देश में आक्रोश फैल गया। लोगों ने ट्विटर, फेसबुक जैसे माध्यमों से अपनी नाराजगी प्रकट की। इनमें केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत कांग्रेस के नेता राहुल गांधी, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, खिलाड़ी साइना नेहवाल जैसी बड़ी हस्तियां भी शामिल हैं। ट्विटर पर टॉप तीन ट्रेंड इस मामले को लेकर रहे।
महिला आयोग ने जांच समिति गठित की
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस नृशंस हत्याकांड के लिए जांच समिति का गठन कर दिया है। चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने कहा कि आयोग दोषियों को सजा दिलाने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखेगा। आयोग ने उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है जिन्होंने पीड़िता के पिता की मदद करने से इंकार कर दिया था।