पिछले दिनों राजधानी में हुई हिंसक घटनाएं, विरोध प्रदर्शन, आगजनी और तहस-नहस के बीच एक ऐसी तस्वीर दिल को ठंडक पहुंचाती है। इसमें पुलिसकर्मी को फूल देने वाली युवती के हाथ में एक तख्ती है, उसपर लिखा हुआ है कि, "मेरे पापा सोचते हैं मैं इतिहास पढ़ रही हूं, जबकि असल में मैं इतिहास रच रही हूं।"
बता दें कि आज दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान एक और राहत भरी खबर सामने आई जब राजीव गांधी स्टेडियम और सूरजमल स्टेडियम के पास से जिन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था उनके लिए प्रशासन की तरफ से ही खाने-पीने की भी व्यवस्था की गई थी। ऐसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन से दिल्ली के लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर थोड़ी सकारात्मकता आई है।