मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया। अदालत ने आरोपी को भगोड़ा करार दिया। पुलिस उपायुक्त एमआई हैदर के देखरेख में पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुट गई। तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जांच करने पर पुलिस को पता चला कि आरोपी विपिन गार्डन इलाके में धनलक्ष्मी नाम से टूर एंड ट्रैवल कंपनी चला रहा है। इस सूचना पर पुलिस ने 14 दिसंबर को आरोपी को विपिन गार्डन इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
थर्ड ऑफिसर के पद पर नौकरी छोड़ी
पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपी आकाश ठाकुर उर्फ अवध बिहारी साल 2008 में मर्चेंट नेवी में कैडेट के पद पर भर्ती हुआ था। साल 2014 में उसने थर्ड ऑफिसर के पद पर नौकरी छोड़ दी। इसके बाद वह दिल्ली आ गया और टूर एंड ट्रैवल्स का काम करने लगा। 2019 में उसने दिल्ली के द्वारका सेक्टर-11 में एक कंसल्टेंसी कंपनी क्राउन मरीन मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड खोली।
उसने बताया कि उसके पास जहाजरानी महानिदेशालय, जहाजरानी मंत्रालय, भारत सरकार का लाइसेंस नहीं था। इस प्रकार की भर्ती कंपनी चलाने के लिए लाइसेंस होना आवश्यक है। बाद में आरोपी ने जनकपुरी की एक अन्य कंपनी ओशन गैलेक्सी मरीन प्राइवेट लिमिटेड को खरीद लिया, जिसके पास जहाजरानी महानिदेशालय का लाइसेंस था। उसके बाद आरोपी ने जनकपुरी से काम करना शुरू कर दिया। आरोपी ने इस कंपनी के जरिए शिकायतकर्ताओं से मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलवाने का झूठा वादा किया और उनसे पैसे लेकर फरार हो गया।