राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में अग्निशमन विभाग के पास बीते वर्ष हर दिन औसतन 86 कॉल्स आईं, जबकि चार लोगों की किसी न किसी हादसे में हर दिन जान चली गई। सोमवार को दिल्ली फायर सर्विस ने साल भर में आईं कॉल्स के आंकड़े जारी किए। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022 में हादसों में 1029 के बदले वर्ष 2023 में 1266 लोगों की जान चली गई। आग में झुलसने से 59 लोगों की मौत हो गई। दमकल विभाग ने 3129 लोगों की अलग-अलग मौकों पर जान भी बचाई। हालांकि पूरे साल आईं कॉल्स की बात करें तो उसमें मामूली कमी दर्ज की गई है।
वर्ष 2022 में 31958 के बदले वर्ष 2023 में 31399 कॉल्स आईं, लेकिन कॉल्स कम आने के बाद भी मौत के आंकड़ों में इजाफा हुआ है। अग्निशमन विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि राजधानी में दमकल विभाग के बाद औसतन 86-87 कॉल्स हर दिन आती हैं। इनमें से आधी या उससे थोड़ी कम या ज्यादा आग लगने की होती है, जबकि बाकी दूसरे हादसों के लिए दमकल विभाग से मदद के लिए कॉल की जाती हैं। इन कॉल्स में बड़ी संख्या जानवरों और पक्षियों को बचाने की भी होती है।
वर्ष 2023 में पशुओं को बचाने की 3533 जबकि पक्षियों को बचाने की 3868 कॉल्स आईं। पूरे साल में सबसे अधिक कॉल 3158 अगस्त के माह में आई। कोविड के दौरान वर्ष 2020-21 और 2021-22 में कॉल्स की संख्या में खासी कमी हुई थी, लेकिन बाद में दोबारा आंकड़ा 31 हजार के पार पहुंच गया। अतुल गर्ग ने बताया कि विभाग हर कॉल्स में अपनी कार्रवाई करता है। अक्सर कॉल फर्जी निकलती है और स्टाफ को वापस आना पड़ता है। गर्ग ने बताया कि जागरुकता और सावधानी से किसी भी हादसे को टाला जा सकता है। हादसा होने पर तुरंत संबंधित विभाग को खबर दें।
वर्ष 2023 में दमकल विभाग की कॉल्स के आंकड़े: (कुल कॉल्स-31399)
- आग लगने की कॉल-15610
- आग लगने से मौत-59
- आग लगने से झुलसे- 689
- अलग-अलग हादसों में कुल मौतें- 1266
- हादसों में इतने लोगों की बचाई जान- 3129
- पशुओं को बचाने के मामले- 3533
- पक्षियों को बचाने के मामले- 3868