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आबकारी नीति मामला: केजरीवाल-सिसोदिया ने की CBI की याचिका खारिज करने की मांग, हाईकोर्ट में दोनों ने उठाई आपत्ति

Thu, 13 Aug 2026 05:35 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इस साल 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल सहित 23 आरोपियों को आबकारी नीति मामले से डिस्चार्ज कर दिया था। सीबीआई ने इस आदेश को चुनौती दी थी।
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आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाईकोर्ट में आवेदन दायर कर आबकारी नीति मामले में अपनी रिहाई के आदेश के खिलाफ सीबीआई की चुनौती को खारिज करने की मांग की है। ये आवेदन सीबीआई द्वारा ट्रायल कोर्ट के 27 फरवरी 2026 के आदेश के खिलाफ दायर की गई रिवीजन याचिका में पेश किए गए हैं। केजरीवाल और सिसोदिया ने सीबीआई की याचिका की सुनवाई योग्य होने पर प्रारंभिक आपत्तियां उठाई हैं।

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क्या दलील दी गई? 
एक प्रमुख आधार यह रखा गया है कि सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के सिर्फ चार घंटे के अंदर जल्दबाजी में रिवीजन याचिका दायर कर दी। दोनों नेताओं का कहना है कि याचिका में ट्रायल कोर्ट के फैसले में किसी विशिष्ट अवैधता या विसंगति का उल्लेख नहीं किया गया है। सिसोदिया ने अपने आवेदन में कहा कि सीबीआई की यह व्यापक याचिका प्रत्येक आरोपी के संबंध में यह स्पष्ट नहीं करती कि डिस्चार्ज ऑर्डर किस तरह बिना सबूत के पारित हुआ, या कौन-सा महत्वपूर्ण सबूत नजरअंदाज किया गया, या किस पैराग्राफ में किस आरोपी के लिए न्यायिक विवेक का मनमाना या विकृत प्रयोग हुआ। सीबीआई ने डिस्चार्ज ऑर्डर में विकृति दिखाने के लिए कोई सबूत, सामग्री या दस्तावेज भी पेश नहीं किए हैं। ये आवेदन 18 अगस्त को न्यायमूर्ति मनोज जैन के समक्ष सुनवाई के लिए आने की संभावना है।
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सीबीआई ने दी थी चुनौती 
बता दें कि 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल सहित 23 आरोपियों को आबकारी नीति मामले से डिस्चार्ज कर दिया था। सीबीआई ने इस आदेश को चुनौती दी थी। मामला पहले न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा के समक्ष आया था, जिन्होंने नोटिस जारी करते हुए ट्रायल कोर्ट के कुछ निर्देशों पर रोक लगाई थी। बाद में आरोपियों द्वारा न्यायमूर्ति शर्मा के खिलाफ पक्षपात के आरोप लगाए गए थे।
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