जेल में बंद मनीष सिसोदिया की सुबह छह बजे से दिन की शुरुआत हुई। इस समय सभी कैदियों को सेल से बाहर निकाला जाता है। उसके बाद कैदियों की गिनती की जाती है। साढ़े सात बजे कैदियों को जेल में चाय व नाश्ता दिया जाता है। 11 बजे सुबह कैदियों को खाना दिया जाता है।
12 से तीन बजे तक कैदियों को किसी जरूरी कार्य के अलावा बैरक, वार्ड या सेल से बाहर नहीं निकलने दिया जाता है। साढ़े तीन बजे एक बार फिर उन्हें चाय व नाश्ता दिया जाता है। इसके बाद साढ़े छह बजे तक रात का खाना कैदियों को दे दिया जाता है। खाना खाने के बाद एक बार फिर कैदियों की गिनती होती है। जेल नियम के मुताबिक मनीष सिसोदिया भी अन्य कैदियों की तरह रहेंगे।
खेल गतिविधि के लिए जाना जाता है जेल नंबर एक
तिहाड़ की जेल संख्या एक खेल गतिविधियों व संगीत के लिए जाना जाता है। इसी जेल में तिहाड़ का खेल उत्सव का आयोजन किया जाता है। इस जेल में बड़ा सा मैदान है। किसी अन्य जेल में इतना बड़ा मैदान नहीं है। इस मैदान में ही ओपन जिम भी है। संगीत में रुचि रखने वाले कैदी यहां बने म्यूजिक स्टूडियो में संगीत का अभ्यास करते हैं। साथ ही इसी जेल में विभिन्न व्यवसाय के लिए कैदियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।