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Sisodia In Tihar: कई खूंखार कैदी हैं जेल में मनीष सिसोदिया के पड़ोसी, ऐसे कटी पूर्व उपमुख्यमंत्री की पहली रात

Tue, 07 Mar 2023 01:31 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

रात में सिसोदिया को खाने में आलू-मटर की सब्जी, रोटी और चावल मिले थे। सिसोदिया ने खाना खाकर आराम किया। 
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मनीष सिसोदिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आबकारी मामले में आरोपी दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तिहाड़ के जेल नंबर एक में रह रहे हैं। सोमवार को अदालत से न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद उन्हें जेल नंबर एक में लाया गया। फिलहाल सिसोदिया को जेल नंबर एक के वार्ड नंबर 9 में रखा गया है। वह अपनी सेल में अकेले हैं। सिसोदिया जिस जेल में हैं वहां कई खूंखार कैदी भी हैं।

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सीबीआई के बाद आज(मंगलवार 7 मार्च) प्रवर्तन निदेशालय की टीम मनीष सिसोदिया से पूछताछ करने तिहाड़ पहुंची है। यहां उनसे कथित आबकारी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर पूछताछ चल रही है। ईडी की टीम तिहाड़ जेल दोपहर लगभग 12.10 बजे पहुंची है।

सोमवार को लाए गए जेल
सोमवार को करीब साढ़े तीन बजे मनीष सिसोदिया को जेल वैन से तिहाड़ जेल परिसर में लाया गया। विशेष सुरक्षा में वैन को जनकपुरी की ओर बने गेट से परिसर में दाखिल किया गया। वेन के आगे और पीछे दिल्ली पुलिस की दो गाड़ियां चल रही थी। जेल सूत्रों ने बताया कि जेल संख्या एक में पहुंचते ही उन्हें सबसे पहले उन्हें डयोढ़ी ले जाया गया। इस दौरान वह जेल में होने वाली सारी प्रक्रियाओें को काफी गंभीरता से देख रहे थे। यहां पर उनसे जुड़ी तमाम जानकारियां जेल के रजिस्टर में दर्ज की गई। यहां उनका फोटो भी लिया गया। साथ ही उनके स्वास्थ्य की भी जांच की गई।
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करीब आधे घंटे की प्रक्रिया के बाद उन्हें जेल परिसर में दाखिल किया गया। वहां से उन्हें जेल के एक सेल में ले जाया गया।जेल के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि उनके सेल में कोई विशेष सुविधा नहीं है। अन्य कैदियों को जो सुविधाएं मिलती है वहीं सुविधा उन्हें भी दी गई है। सेल के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हुए है। सेल में जेल नियमों के मुताबिक उन्हें एक किट दी गई। इसमें रोजमर्रा की जरूरत की चीजें होती है। जिसमें ब्रश, पेस्ट, बाल्टी-मग, तौलिया, साबुन और कुछ कपड़े होते हैं। जेल के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मनीष सिसोदिया को वह सभी चीजें दी जाएगी, जिसका आदेश अदालत ने दिया है। फिलहाल उन्होंने जेल में किसी चीज की मांग नहीं की है।

रात में खाया ये खाना
रात में सिसोदिया को खाने में आलू-मटर की सब्जी, रोटी और चावल मिले थे। सिसोदिया ने खाना खाकर आराम किया। 

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सुबह छह बजे हुई दिन की शुरुआत

जेल में बंद मनीष सिसोदिया की सुबह छह बजे से दिन की शुरुआत हुई। इस समय सभी कैदियों को सेल से बाहर निकाला जाता है। उसके बाद कैदियों की गिनती की जाती है। साढ़े सात बजे कैदियों को जेल में चाय व नाश्ता दिया जाता है। 11 बजे सुबह कैदियों को खाना दिया जाता है।

12 से तीन बजे तक कैदियों को किसी जरूरी कार्य के अलावा बैरक, वार्ड या सेल से बाहर नहीं निकलने दिया जाता है। साढ़े तीन बजे एक बार फिर उन्हें चाय व नाश्ता दिया जाता है। इसके बाद साढ़े छह बजे तक रात का खाना कैदियों को दे दिया जाता है। खाना खाने के बाद एक बार फिर कैदियों की गिनती होती है। जेल नियम के मुताबिक मनीष सिसोदिया भी अन्य कैदियों की तरह रहेंगे।

खेल गतिविधि के लिए जाना जाता है जेल नंबर एक
तिहाड़ की जेल संख्या एक खेल गतिविधियों व संगीत के लिए जाना जाता है। इसी जेल में तिहाड़ का खेल उत्सव का आयोजन किया जाता है। इस जेल में बड़ा सा मैदान है। किसी अन्य जेल में इतना बड़ा मैदान नहीं है। इस मैदान में ही ओपन जिम भी है। संगीत में रुचि रखने वाले कैदी यहां बने म्यूजिक स्टूडियो में संगीत का अभ्यास करते हैं। साथ ही इसी जेल में विभिन्न व्यवसाय के लिए कैदियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।

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