दो पुलिसवालों की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी
जानकारी के मुताबिक, महरौली इलाके में दिल्ली पुलिस और वॉन्टेड क्रिमिनल कोकू पहाड़िया के बीच फायरिंग हुई, जिसमें आरोपी घायल हो गया। एनकाउंटर के दौरान दो पुलिसवालों की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी, जबकि एक कांस्टेबल के हाथ में चोट आई। आरोपी ने भागने की कोशिश में टीम पर फायरिंग की। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। गोली लगने के बाद पहाड़िया को काबू कर लिया गया और उसे तुरंत इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया। उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वह आर्म्स सप्लाई समेत कई मामलों में वॉन्टेड था।
एम्बुलेंस में शराब लाने के आरोप में युवक गिरफ्तार
वहीं, दिल्ली के द्वारका में अवैध शराब की एक बड़ी खेप बरामद की गयी और इस सिलसिले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक आरोपी की पहचान हरियाणा के रोहतक निवासी ऋतिक (21) के रूप में हुई है, उसे द्वारका एक्सप्रेसवे पर एक एम्बुलेंस में अवैध शराब ले जाते समय पकड़ा गया।
पुलिस उपायुक्त (द्वारका) अंकित सिंह ने एक बयान में कहा, ‘‘अभियान के दौरान कुल 1,400 क्वार्टर और 84 बोतल शराब बरामद की गई, जिसमें रॉयल स्टैग की 70 बोतलें और रॉयल ग्रीन की 14 बोतलें शामिल थीं। अवैध शराब की आपूर्ति के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन को भी जब्त कर लिया गया। ऋतिक हरियाणा के बहादुरगढ़ से शराब खरीदता था और उसे दिल्ली और आसपास के इलाकों में पहुंचाता था।
दो दिन पहले भी ढेर हुए थे चार कॉट्रेक्ट किलर
बीते गुरुवार को रोहिणी इलाके में दिल्ली और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ में बिहार में सक्रिय सिग्मा गिरोह के चार हत्यारों को मार गिराया। बदमाशों की शिनाख्त रंजन पाठक (25), बिमलेश महतो उर्फ बिमलेश साहनी (25) और मनीष पाठक (33) तीनों बिहार जिले के सितामढ़ी इलाके के जबकि अमन ठाकुर (21) दिल्ली का रहने वाला था। शुरुआती जांच में पता चला कि चारों आगामी बिहार चुनावों में आतंक फैलाना चाहते थे। आरोपियों की गिरफ्तारी पर 1,00,000 रुपये का इनाम था। मुठभेड़ के दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनका उपचार चल रहा है।
अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त सुरेंद्र सिंह ने बताया कि दिल्ली के रोहिणी के बहादुर शाह मार्ग पर बुधवार देर रात करीब दो बजकर 20 मिनट पर हुई यह मुठभेड़ हाल के वर्षों में दिल्ली में हुई सबसे बड़ी मुठभेड़ों में से एक है। गिरोह के सरगना रंजन पाठक पर 25,000 रुपये का इनाम था और वह आठ अलग-अलग आपराधिक मामलों में वांछित था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार चारों आरोपी कई दिन से दिल्ली में छिपे थे। उनकी तलाश में संयुक्त टीम ने बुधवार और बृहस्पतिवार की मध्यरात्रि को अभियान चलाया जिस दौरान यह मुठभेड़ हुई।