खराब श्रेणी में पहुंची हवा, एक्यूआई में 284 दर्ज
दीपावली के बाद से लगातार बेहद खराब श्रेणी में बरकरार हवा में शुक्रवार को थोड़ा सुधार आया। हवा की रफ्तार तेज होने से वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बेहद खराब से खराब श्रेणी में पहुंच गया। एक्यूआई 284 दर्ज किया गया। इसमें बृहस्पतिवार के तुलना में 30 सूचकांक की गिरावट दर्ज की गई।
जानें एनसीआर में कहां कितना प्रदूषण
एनसीआर में दिल्ली के बाद गाजियाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 269 दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने रविवार को हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका जताई है। दिल्ली से सटे फरीदाबाद शहर में शनिवार सुबह 8 बजे एक्यूआई इतना दर्ज किया गया। फरीदाबाद एनआईटी में 229, सेक्टर 30 में 167, बल्लभगढ़ में 188 दर्ज हुआ है। फरीदाबाद क्षेत्र में स्थित सेक्टर-11 और सेक्टर 16 ए की एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग मशीन प्रदूषण का डेटा नहीं दिखा रही है।
ग्रेटर नोएडा में हवा की रफ्तार बढ़ने से एक्यूआई में 14 अंक की गिरावट
आसमान में हल्की धुंध और सड़कों पर उड़ती धूल के बीच ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शुक्रवार को 262 दर्ज की गया। हवा की रफ्तार बढ़ने से बृहस्पतिवार के मुकाबले एक्यूआई 14 अंक कम रहा।
शहर में शुक्रवार को दक्षिण पश्चिम दिशा से चली हवा की रफ्तार सिर्फ 5.6 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई। आर्द्रता का स्तर 39 प्रतिशत रहा। जबकि अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धीमी हवा और सूखे मौसम ने प्रदूषण को फैलने नहीं दिया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक नॉलेज पार्क-3 क्षेत्र में पीएम 2.5 का औसत स्तर 267 और पीएम-10 का औसत स्तर 159 दर्ज किया गया। वहीं नॉलेज पार्क-5 क्षेत्र में पीएम 2.5 का औसत स्तर 268 और पीएम-10 का औसत स्तर 202 दर्ज किया गया। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ग्रेटर नोएडा के क्षेत्रीय अधिकारी विवेक मिश्रा ने बताया कि निर्माण कार्य पर अभी रोक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराया जा रहा है। गत दिनों के मुकाबले एक्यूआई में सुधार हुआ है। अगर दिल्ली सरकार की ओर से कृत्रिम वर्षा कराई जाती है तो इसका असर यहां भी देखने को मिलेगा। एक्यूआई में सुधार हो सकता है।
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