फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi Polls: जरूरी सुविधाओं के इंतजार में ओखला विधानसभा क्षेत्र के निवासी, लगातार दो बार से यहां AAP का कब्जा

Sun, 12 Jan 2025 08:01 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

यहां खुले सीवर, पेयजल की समस्या और अतिक्रमण समेत कई तरह की परेशानियों से लाखों लोग रोज जूझते हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र के 20 फीसदी के हिस्से में ही पेयजल की सप्लाई होती है। लोग बाहर से पानी खरीदकर इस्तेमाल करते हैं। 
विज्ञापन
दिल्ली विधानसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ओखला विधानसभा दिल्ली की सबसे चर्चित सीटों में से एक है। एनआरसी और सीएए के खिलाफ कई दिनों तक चले प्रदर्शन की वजह से यह सीट देश व दुनिया में सुर्खियों में रही थी। सघन आबादी वाला यह क्षेत्र समस्याओं से घिरा हुआ है। क्षेत्र की अधिकतर सड़कें जर्जर हैं। 

विज्ञापन


खुले सीवर, पेयजल की समस्या और अतिक्रमण समेत कई तरह की परेशानियों से लाखों लोग रोज जूझते हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र के 20 फीसदी के हिस्से में ही पेयजल की सप्लाई होती है। लोग बाहर से पानी खरीदकर इस्तेमाल करते हैं। 

वहीं, यहां से आप ने लगातार तीसरी बार अमानतुल्लाह खान को उम्मीदवार बनाया है। वे 2015 और 2020 में चुनाव जीत चुके हैं। इससे पहले यह सीट कांग्रेस का गढ़ हुआ करती थी। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में अमानतुल्ला को कुल वोट में से 66.03 प्रतिशत मिले थे। दूसरे नंबर पर भाजपा प्रत्याशी ब्रह्म सिंह रहे थे। उन्हें 29.65 प्रतिशत और कांग्रेस के परवेज हाशमी को 12.59 प्रतिशत मत मिले थे। 2013 में कांग्रेस के आसिफ मोहम्मद खान ने इस सीट से चुनाव जीता था। 

विज्ञापन

पूर्वी दिल्ली का हिस्सा है सीट
यह सीट पूर्वी दिल्ली का हिस्सा है। ओखला विधानसभा क्षेत्र में मदनपुर खादर गांव, खिजराबाद गांव, जसोला गांव, आली गांव और तैमूर नगर जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। यहां कुल आबादी में मुस्लिमों की संख्या 55 फीसदी है। 

क्षेत्र में जरूरी सुविधाओं की बहुत कमी है। अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि सिर्फ 20 फीसदी हिस्से में ही पेयजल की सप्लाई होती है। क्षेत्र में बिल्डर माफिया का बोलबाला है। नशाखोरी भी बहुत ज्यादा है। - मसूद आलम
विज्ञापन

शाहीन बाग 40 फुटा रोड छह साल से जर्जर हालत में है, लेकिन इसे बनवाने को लेकर को कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। पार्किंग की बहुत ज्यादा दिक्कत है। कई सड़कों पर घंटों जाम लगा रहता है। -साजिद चौधरी

मदनपुर खादर में बहुत ज्यादा समस्याएं हैं। सीवरेज की सबसे बड़ी दिक्कत है। गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नशाखोरी भी खूब है। लोगों की परेशानियों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पेयजल का संकट रहता है। -अयान खान

ओखला विहार में सफाई का अभाव है। रास्तों में सीवर का पानी भरा रहता है। सड़कें जर्जर हैं। शिकायत के बावजूद किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं हो रही है। क्षेत्र में छोटे उम्र के बच्चे नशा कर चाकूबाजी करते हैं। - सिकंदर सिंह
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें