पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम से मशहूर राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों चुनावी माहौल गर्म है। वर्ष 1993 से 2003 तक इस सीट पर भाजपा के पूरन चंद त्यागी का कब्जा था। जब से यह सीट अस्तित्व में आई है, तब से केवल एक बार ही कांग्रेस के खाते में यह सीट गई है।
वर्ष 2008 में कांग्रेस से रमाकांत गोस्वामी ने जीत हासिल की थी। वर्ष 2013 में इस सीट पर भाजपा के आरपी सिंह ने कब्जा किया। 2015 से आप यहां जीत दर्ज करती रही है।
यहां ओल्ड राजेंद्र नगर, न्यू राजेंद्र नगर, नारायणा, इंद्रपुरी, दसघरा व टोडापुर गांव, रत्नपुरी चौक सेवा बस्ती आदि कई इलाके हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है।
यही नहीं, विधानसभा क्षेत्र कोचिंग सेंटर के लिए भी काफी मशहूर है। इसके अलावा यह क्षेत्र देश के बंटवारे के बाद पंजाबी शरणार्थियों की अहम जगह बना था। अब भी इसकी पहचान इसी तौर पर ज्यादा होती है।
2022 में आप विधायक राघव चड्ढा के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के कारण इस सीट पर उपचुनाव कराया गया था। इसमें आप की जीत हुई थी। आप ने दुर्गेश पाठक को यहां फिर से उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने विनीत यादव को यहां से चुनावी मैदान में उतारा है।
झुग्गी-बस्तियों में कुछ काम नहीं किया गया है। पेयजल की समस्या काफी है। बारिश में जगह-जगह जलभराव हो जाता है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बीते वर्ष जलभराव होने से कोचिंग सेंटर में छात्रों की मृत्यु हो गई थी। -राजेश कुमार
यहां काफी संख्या में कोचिंग सेंटर हैं, लेकिन, छात्रों के लिए सुविधाएं नहीं हैं। अधिकतर छात्र अपने सपनों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं, लेकिन रूम रेंट और ब्रोकर का इतना बोलबाला है कि मुंहमांगी कीमत चुकानी पड़ती है। -सर्वेश यादव
यहां 20 साल से रह रहा हूं। पहले बहुत दिक्कतें थीं। सड़के खराब थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं है। यहां काफी सुविधा हो गई है। ऐसा कोई काम नहीं है जो यहां न हुआ हो। -सरफराज
| वर्ष |
जीत |
पार्टी |
| 1993 |
पूरन चंद योगी |
(भाजपा) |
| 1998 |
पूरन चंद योगी |
(भाजपा) |
| 2003 |
पूरन चंद योगी |
(भाजपा) |
| 2008 |
रमाकांत गोस्वामी |
(कांग्रेस) |
| 2013 |
आरपी सिंह |
(भाजपा) |
| 2015 |
विजेंद गर्ग |
(आप) |
| 2020 |
राघव चड्ढा |
(आप) |
| 2022 |
दुर्गेश पाठक |
(आप) |