आईटीओ स्थित यमुना घाट पर पहुंचे प्रवेश वर्मा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सरकार 11 साल तक शासन काल में रही। आठ हजार करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद यमुना की सफाई के अपने वादे को पूरा नहीं किया। यह दिल्ली की जनता के साथ किया गया सबसे बड़ा झूठ है। केजरीवाल ने कहा था कि 2025 तक यमुना को साफ कर देंगे, लेकिन स्थिति पहले से भी बदतर है। उनका यह पुतला यमुना में डुबोकर उनकी असफलता को दिल्लीवालों के सामने उजागर किया गया है।
प्रवेश वर्मा ने आगे कहा कि केजरीवाल का शासन सिर्फ झूठे वादों और खोखले दावों तक सीमित रहा है। उनके पास न तो नीयत थी और न ही काबिलियत कि वह यमुना को साफ कर सकें। यह कदम जनता को यह याद दिलाने के लिए है कि अब समय आ गया है, जब दिल्ली को झूठे वादों से आजादी मिले। केजरीवाल खुद तो यमुना में डूबकी लगाएंगे नहीं, लिहाजा यह प्रदर्शन उनकी विफलताओं को जनता के सामने लाने का प्रयास है। दिल्ली की समस्याएं तब तक हल नहीं होंगी, जब तक झूठ और प्रचार की राजनीति समाप्त नहीं होती।