विधानसभा चुनाव में भाजपा, आप और कांग्रेस ने विधायकों व पूर्व विधायकों के साथ पार्षदों और पूर्व पार्षदों पर भी दांव खेला है। आप व कांग्रेस की तुलना में भाजपा ने सबसे ज्यादा पार्षदों को मैदान में उतारा है। इसी तरह पूर्व पार्षदों को भी अन्य दलों की तुलना में अधिक टिकट दिए हैं। इन वर्तमान व पूर्व पार्षदों में अनेक नेता एमसीडी में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।
भाजपा ने 11 पार्षदों के अलावा दो मनोनीत पार्षदों को टिकट दिया है। 11 पूर्व पार्षदों को भी उम्मीदवार बनाया है। आप ने छह पार्षद व चार पूर्व पार्षदों को टिकट दिया है। कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची में दो पार्षद और सात पूर्व पार्षदों के नाम हैं। भाजपा ने पहले भी स्थानीय चुनावों में पार्षदों को तवज्जो दी थी और इस बार भी वही रणनीति अपनाई है। भाजपा की यह कोशिश है कि पार्षदों की स्थानीय पहचान और उनके कार्यक्षेत्र के अनुभव को चुनावी लाभ में बदला जा सके।
इससे साफ होता है कि भाजपा ने पुराने काडर को भी चुनावी ताकत के रूप में इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इन पार्षदों व पूर्व पार्षदों के पास अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत जनाधार है। भाजपा ने अपने पार्षद गजेंद्र दराल को मुंडका, रेखा गुप्ता को शालीमार बाग, पूनम शर्मा को वजीरपुर, मनोज जिंदल को सदर बाजार, कमल बागड़ी को बल्लीमारान में आप मंत्री इमरान हुसैन के खिलाफ, नीलम पहलवान को नजफगढ़, उमंग बजाज को राजेंद्र नगर, शिखा राय को ग्रेटर कैलाश में आप मंत्री सौरभ भारद्वाज के सामने, प्रियंका गौतम को काेंडली, रविंद्र नेगी को पटपड़गंज और अनिल गौड़ को सीलमपुर से टिकट दिया है।
मजबूत पहचान पर जताया भरोसा
आम आदमी पार्टी का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर अपने उम्मीदवारों की मजबूत पहचान को लेकर मुकाबला करना है। भाजपा ने जहां बड़ी संख्या में पार्षदों को मैदान में उतारा, आप ने इसे सीमित रखा है। आप ने पार्षद व नेता सदन मुकेश गोयल को आदर्श नगर, राकेश जाटव को मंगोलपुरी में पूर्व मंत्री व भाजपा उम्मीदवार राजकुमार चौहान, पुनरदीप को चांदनी चौक, आले मोहम्मद इकबाल को मटिया महल में पूर्व मंत्री व कांग्रेस उम्मीदवार आसिम अहमद खान के खिलाफ, प्रवीन कुमार को जनकपुरी, प्रेम कुमार को देवली से टिकट दिया है। कांग्रेस का ध्यान पारंपरिक वोटबैंक और पुराने नेताओं को फिर सक्रिय करने पर है। उसने आप से आए पार्षद राजेश गुप्ता को किराड़ी और पार्षद अरिबा को ओखला से उम्मीदवार बनाया, जंगपुरा में पूर्व मेयर फरहाद सूरी को टिकट दिया है।