एनसीपीसीआर के प्रमुख प्रियंक कानूनगो ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि कई स्कूलों का दौरा करने के बाद देखा गया है कि सरकारी स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर अच्छा नहीं है। उनमें से कई स्कूलों में प्रमुख (एचओएस) का पद खाली था। सरकार को इस पर अपनी तथ्यात्मक स्थिति बताने को कहा है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्कूलों की स्थिति को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के प्रमुख प्रियंक कानूनगो ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि कई स्कूलों का दौरा करने के बाद देखा गया है कि उनमें से कई स्कूलों में प्रमुख (एचओएस) का पद खाली था। सरकार को इस पर अपनी तथ्यात्मक स्थिति पेश करने को कहा है।
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साथ ही कहा गया है कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर अच्छा नहीं है। निरीक्षण के दौरान ऐसी इमारतें मिलीं जहां पढ़ाना छात्रों के जीवन के लिए खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा कहा है कि व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए लड़कियों को केवल सिलाई सिखाई जा रही थी, इससे लैंगिक असमानता का भाव उत्पन्न होता है। लोग निजी स्कूलों पर ज्यादा निर्भर हैं।
वहीं दिल्ली सरकार को एनसीपीसीआर को के पत्र पर आप विधायक आतिशी ने कहा कि हमने प्रधानाचार्यों की भर्ती के लिए कई बार अनुरोध किए। यूपीएससी ने अभी तक फाइलों को स्थानांतरित नहीं किया है। हमने एनसीपीसीआर से दिल्ली और अन्य राज्यों के स्कूलों का भी निरीक्षण करने का आग्रह किया।