दिल्ली के शिक्षा निदेशालय ने एक निर्देश जारी करते हुए सभी शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को 15 अक्तूबर तक वैक्सीन लगवा लेने के लिए कहा है। ऐसा नहीं करने पर शिक्षकों और स्टाफ को स्कूल में घुसने नहीं दिया जाएगा और उनकी अनुपस्थिति दर्ज होगी। इससे उन्हें सैलरी का भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
शिक्षा निदेशालय ने यह आदेश डीडीएमए के उस फैसले के बाद लिया है जिसमें नर्सरी से लेकर आठवीं तक की कक्षाओं को एक नवंबर से चरणबद्ध तरीके से खोलने के लिए कहा गया है।
बता दें कि डीडीएमए ने बुधवार को ही राजधानी में नर्सरी से लेकर आठवीं तक की कक्षाएं बंद रहने के आदेश दिए थे। डीडीएमए ने फैसला लिया है कि एक नवंबर से चरणबद्ध तरीके से कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक की कक्षाएं खोली जाएंगी। हालांकि यह सब इसपर भी निर्भर करेगा कि दीवाली के बाद राजधानी में कोरोना की क्या स्थिति रहती है।
दशहरा और दुर्गा पूजा मनाने की भी दी अनुमति, पर शर्तों के साथ
इसके साथ ही डीडीएमए ने दुर्गा पूजा और दशहरा भी मनाने की अनुमति दे दी है। हालांकि इसके लिए कुछ नियम व शर्तें रखी गई हैं। डीडीएमए ने दुर्गा पूजा और दशहरा के आयोजन में सिर्फ सीट क्षमता के बराबर ही लोग पंडालों में प्रवेश कर सकेंगे। यहां खाने के कोई स्टॉल नहीं लगेंगे और न ही पंडालों के पास मेला लगेगा।
राजधानी में फिर बढ़ने लगा है कोरोना का खतरा
बता दें कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण की रफ्तार एक बार फिर बढ़ती दिखाई दे रही है। पिछले पांच दिन से लगातार दैनिक मामलों में उछाल देखने को मिल रहा है जिसकी वजह से एक बार फिर नए मामलों की संख्या 40 पार हो चुकी है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने बताया था कि पिछले एक दिन में 41 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। जबकि 22 मरीजों को स्वस्थ घोषित किया गया है। इस दौरान 71983 सैंपल की जांच हुई थी जिनमें 0.06 फीसदी संक्रमित पाए गए। हालांकि राहत की खबर है कि पिछले एक दिन में किसी भी मरीज की संक्रमण के चलते मौत नहीं हुई है।
दरअसल 23 सितंबर को एक दिन में 48 लोग कोरोना संक्रमित मिले थे लेकिन इसके बाद 24 सितंबर को 24 लोग संक्रमित मिले, लेकिन इसके बाद 25 सितंबर से रोजाना दैनिक मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राजधानी में अब कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 1438821 हो चुकी है जिनमें से 1413342 मरीज ठीक भी हो चुके हैं लेकिन 25087 मरीज उपचार के दौरान दम तोड़ गए।