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Delhi Economic Survey: 2 साल में बढ़ी दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय, खाने-पीने में सबसे आगे; यहां खर्चा कम; पढ़ें

Fri, 01 Mar 2024 06:22 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

Delhi Economic Survey: वित्त मंत्री आतिशी ने शुक्रवार दिल्ली विधानसभा में दिल्ली का 2023-2024 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। उन्होंने बताया कि दो साल में दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय 22.77 फीसदी बढ़ी है। बीते साल की तुलना में महज 3.85 फीसदी का इजाफा हुआ।
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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दिल्ली में हर व्यक्ति की औसत आय बीते दो सालों में 22.77 फीसदी बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2021-22 की तुलना में 2023-24 में 376217 से बढ़कर 461910 रुपये हो गई है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2022-23 में दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय 4,44,768 रुपये दर्ज की गई। इस लिहाज से साल भर में बढ़ोत्तरी महज 3.85 फीसदी ही रही। दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से ढाई गुना ज्यादा है। इसकी जानकारी आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 से मिली है। वित्त मंत्री आतिशी ने शुक्रवार दिल्ली विधान सभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया।

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आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, 2023-24 के दौरान मौजूदा कीमतों पर दिल्ली की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2022-23 की तुलना में 9.17 फीसदी बढ़कर 1107746 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। साल 2022-23 में दिल्ली की जीएसडीपी 1014000 करोड़ रुपये था। वहीं, कोरोना महामारी के दौरान दिल्ली की वास्तविक जीएसडीपी 2021-22 में 8.76 फीसदी और 2022-23 में 7.85 फीसदी की दर से बढ़ी। यह देश के बाकी राज्यों की तुलना में सबसे आगे है। दिल्ली में देश की कुल 1.5 फीसदी जनसंख्या है। जबकि जीएसडीपी भारत की जीडीपी में करीब 3.9 फीसदी का योगदान देती है।

दिल्ली में महंगाई दर देश से आधी
दिल्ली में महंगाई दर राष्ट्रीय औसत की आधी है। दिल्ली की मुद्रास्फीति-महंगाई दर (जनवरी से दिसंबर 2023) में 2.81 फीसदी थी। जबकि राष्ट्रीय महंगाई दर (जनवरी से दिसंबर 2023) में 5.65 फीसदी थी। कोरोना महामारी के दौरान दिल्ली वालों का रोजगार छिन गया था। इसका असर लंबे समय तक दिखा। लेकिन अब इसमें सुधार आया है। साल 2020-21 में दिल्ली की बेरोजगारी दर 6.3 फीसदी थी। वर्ष 2022-23 में यह घटकर 1.9 फीसदी रह गई है।

दिल्ली में बढ़ा कर संग्रह
दिल्ली के कर संग्रह में वर्ष 2022-23 के दौरान 18 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021-22 में दिल्ली ने 3270 करोड़ रुपये का राजस्व अधिशेष दर्ज किया था, जो साल 2022-23 में बढ़कर 14457 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा राजस्व प्राप्तियों पर ब्याज भुगतान का अनुपात 2012-13 में 11.20 फीसदी पर था, जो घटकर 2022-23 में 5.21 फीसदी रह गया है।

100 फीसदी परिवार की मिल रही मुफ्त बिजली की सुविधा
दिल्ली में 100 फीसदी परिवार को मुफ्त बिजली की सुविधा मिल रही है। रिपोर्ट बताती है कि अर्थशास्त्र और सांख्यिकी विभाग ने 3,450 घरों में एक अध्ययन किया। इसमें पाया गया कि एक वर्ष के दौरान किसी समय करीब 100 फीसदी परिवार को फायदा मिला। 76.1 फीसदी को फ्री पानी, 64.7 फीसदी को सरकार अस्पताल में मुफ्त इलाज, 58 फीसदी बस में फ्री बस सुविधा, 43.7 को निशुल्क शिक्षा मिली। मुफ्त सुविधा से बचे पैसे को 61.6 फीसदी से सभी पैसे खर्च कर दिए। 28.4 फीसदी ने बचत और एफडी में पैसा निवेश किया। 7.2 फीसदी ने भविष्य में खर्च किया और 2.8 फीसदी ने दोस्तों को उधार दिया।
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खाने-पीने पर सबसे ज्यादा खर्च करते हैं दिल्ली वाले
रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली सरकार की मुफ्त सुविधाओं से परिवार में बचे पैसे को दिल्लीवालों सबसे ज्यादा खाने-पीने पर खर्च करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक जिन परिवारों से बचे हुए सभी पैसे खर्च कर दिए। उनमें 50.7 फीसदी परिवार ने खाने-पीने पर खर्च किया, 13.1 फीसदी परिवार से पढ़ाई के लिए, 10.1 फीसदी परिवार से इलाज और दवाओं पर, 7.9 परिवार से कपड़े व अन्य सामान की खरीद पर, 7.3 परिवार ने नए उपकरण पर और 6.7 फीसदी परिवारों ने मनोरंजन पर पैसों को खर्च किया।
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