वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाशों ने घर के पिछले गेट का दरवाजा तोड़ा था। इस दौरान शोर जरूर हुआ होगा। वहीं जिस जगह राधेश्याम का परिवार रहता है, वहां आसपास बड़ी संख्या में मुस्लिम परिवार रहते हैं। फिलहाल रमजान का महीना चल रहा है और ज्यादातर लोग रातभर जागे रहते हैं। ऐसे में वारदात को अंजाम देना बहुत ही मुश्किल है।
पुलिस को गली में कोई सीसीटीवी फुटेज भी बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में वारदात में राधे श्याम के किसी करीबी परिजन का हाथ होने की आशंका जता रही है। पुलिस एक-एक कर परिजनों का बयान ले रही है। पुलिस का कहना बदमाश अच्छी तरह जानते थे कि घर में मोटी रकम रखी है। इस वजह से ही उनका कत्ल किया गया।
वहीं बदमाश राधे श्याम के बेटे के फ्लोर पर क्यों नहीं पहुंचे। रवि भी घर में पत्नी और बच्चे के साथ अकेला था। बदमाश चाहते तो वहां भी जाकर लूटपाट कर सकते थे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बदमाशों ने बस रवि के माता-पिता की हत्या कर लूटपाट की और फरार हो गए। यह सब पुलिस को हज्म नहीं हा रहा।
एक परिजन ने बताया कि कुछ माह पूर्व राधे श्याम ने अपने मकान का पिछला 50 गज का हिस्सा 50 लाख में खुर्शीद नामक बिल्डर को बेच दिया था। इसका बयाना पांच लाख रुपये आ गया था। बाकी पेमेंट होनी थी। यह सब कुछ इतना चुपचाप किया गया था कि राधे श्याम की बेटी मंजू और दामाद विपिन को नहीं पता था कि उन्होंने अपना आधा मकान बेच दिया है।
पड़ोसियों का दावा था कि राधे श्याम पिछले 30-35 सालों से उनके साथ रह रहे हैं, कभी उनसे किसी को कोई शिकायत नहीं हुई। वह बहुत खुश मिजाज थे। वहीं कुछ रिश्तेदार दबी जुबान में कह रहे थे कि एरिया में एक विशेष समुदाय की आबादी बढ़ने के बाद राधे श्याम यहां से मकान कहीं और लेना चाहते थे, लेकिन रवि इसके लिए तैयार नहीं था।
पुलिस इन सवालों के जवाब ढूंढने में लगी हुई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही हत्याकांड की इस गुत्थी से पर्दा उठा लिया जाएगा। दोनों पति-पत्नी के मोबाइल के सीडीआर निकाली जा रही है। उसके आधार पर आगे की पड़ताल की जा रही है। इस बात का भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कैश की जानकारी किस-किस को थी।
2005 में बड़े बेटे सोनू की सड़क हादसे में हो गई थी मौत
राधे श्याम के परिवार में यह दूसरा बड़ा हुआ हुआ है। वर्ष 2005 में इनका बड़ा बेटा सोनू अपनी पत्नी को लेने के लिए बाइक से हापुड़ जा रहा था। लेकिन उसी दौरान डासना-मसूरी, गाजियाबाद में सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई थी। तभी से परिजन काफी दुखी थे।