कई ट्रेनों का स्टेशन पर इंतजार
बृहस्पतिवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्री ठंड में अपनी ट्रेन के स्टेशन पर आने का इंतजार करते दिखें। ट्रेनें के परिचालन की स्थिति को देखें तो नई दिल्ली से तिरुवनंतपुरम जाने वाली केरल एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय बुधवार देर शाम 8.10 बजे की जगह 12.20 घंटे की देरी से बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े आठ बजे रवाना हुई। वहीं नई दिल्ली से लखनऊ जाने वाली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस 5.50 घंटे की देरी से दोपहर 12 बजे रवाना हुई। आनंद विहार टर्मिनल-आरा विशेष साढ़े पांच घंटे की देरी से अपराह्न तीन बजे रवाना हुई।
स्थिति यह है कि लगातार चौथे दिन ट्रेन की सुस्त रफ्तार ने मुसाफिरों को हलकान कर दिया। बृहस्पतिवार को 80 से अधिक ट्रेन घंटों देरी से चली तो 14 ट्रेन परिवर्तित समय से चलाई गई। इस दौरान ऑपरेशनल कारणों से भी कई ट्रेन निरस्त भी कर दी गई।
नमें मुख्य रूप से ट्रेन संख्या 22416 नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत, ट्रेन संख्या 82501 लखनऊ-नइ्र दिल्ली तेजस और ट्रेन संख्या 82502 नई दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस शामिल है। शुक्रवार को भी ट्रेन संख्या 22415 वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत, ट्रेन संख्या 12004 लखनऊ-नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस और ट्रेन संख्या 12003 नई दिल्ली-लखनऊ स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस निरस्त रहेगी।
घंटों देरी से चलने की वजह से भी यात्रियों को मुसीबत का सामना करना पड़ा। कोहरे की वजह से 10 घंटे तक ट्रेन देरी से चल रही है। कैफियात एक्सप्रेस 10 घंटे की देरी से चली। इसी तरह पुरुषोत्तम व रीवा एक्सप्रेस जहां 6-6 घंटे की देरी से चली वहीं गीता जयंती एक्सप्रेस, वैशाली सुपरफास्ट, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस 5-5 घंटे की देरी से अपने गंतव्य स्थान तक पहुंची। इसके अलावा प्रयागराज एक्सप्रेस, तेलंगाना, शिवगंगा एक्सप्रेस, गोल्डन टेंपल 4 से 5 घंटे की देरी से संचालित हुई।
कई विमानों के रूट डायवर्ट
धुंध के आगे विमानों का उड़ान भी लगातार प्रभावित हो रहा है। नई दिल्ली एयरपोर्ट की जगह विमान को किसी दूसरे राज्य के एयरपोर्ट पर उतारा जा रहा है। इससे यात्रियों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रनवे पर शून्य दृश्यता की वजह से कृत्रिम लाइट में भी विमानों का रनवे पर उतरना दुभर साबित हो रहा है। खासकर वैसे विमान जिसके चालकर कैट थ्री ट्रेनिंग वाले नहीं है, उनके विमान को ज्यादातर डाइवर्ट करना पड़ रहा है।
दरअसल इस श्रेणी वाले पायलट ऑटो लैंडिंग के माध्यम से विमान को 50 मीटर की दृश्यकता और लो विजिबिलिटी प्रोसीजर एयरपोर्ट पर लागू होने पर विमान को रनवे पर उतारने में सक्षम होते है। इतना ही नहीं एयर ट्रैफिक कंट्रोलर भी उन्हीं विमानों को अल्प दृश्यता की स्थिति में रनवे पर उतारने की अनुमति देते जिसके चालक कैट थ्री श्रेणी वाले होते है।
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार 25 दिसंबर से 28 दिसंबर के बीच कुल 58 विमान को नई दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत नहीं मिली। इनमें 50 ऐसे विमान थे जिनके पायलट कैट थ्री श्रेणी वाले नहीं थे। इनमें भी सबसे अधिक संख्या इंडिगो विमान का रहा। पिछले चार दिनों में सबसे अधिक विमान डायवर्ट इंडिगो का ही रहा है। इनकी संख्या 13 है। दूसरी नंबर पर स्पाइस जेट और एयर इंडिया का है। इसकी संख्या 10-10 है, जिसे नई दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत नहीं मिली।
इसके अलावा विस्तारा का पांच,अकासा एयर तीन, एलायंस एयर दो, वीट जेट एक, मालिंदो एयर एक, एयर एशिया एक, प्राइवेट जेट एक फ्लाई दुबई एक, इथोपिया एक और क्वीक जेट कार्गो का एक विमान शामिल है। इनके पॉयलट कैट थ्री श्रेणी के नहीं थे इस वजह से विमानों के संचालन में काफी बाधा पहुंची और यात्रियों को परेशान होना पड़ा।
271 उड़ानें हुई प्रभावित
घने कोहरे के कारण बृहस्पतिवार को आगमन व प्रस्थान से जुड़ी करीब 271 उड़ान प्रभावित हुई। करीब डेढ़ दर्जन उड़ानों को रद करना पड़ा। एक उड़ान को डाइवर्ट करना पड़ा। अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान से जुड़ी 41 व घरेलू प्रस्थान से जुड़ी करीब 150 उड़ान विलंब हुई।
एअर इंडिया की गुवाहाटी जाने वाली उड़ान तय समय से करीब 12 घंटे की देरी से रवाना हुई। धर्मशाला की उड़ान सात घंटे विलंब से रवाना हुई। पोर्टब्लेयर की उड़ान पांच घंटे विलंब से रवाना हुई। इसी तरह कोलकाता, जम्मू, मुंबई, पटना, श्रीनगर, पुणे, लेह, जयपुर, डिब्रूगढ़, अहमदाबाद सहित अनेक शहरों को जाने वाली उड़ानें घंटों विलंब से रवाना हुई। अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान की बात करें तो शारजाह, बैंकाक, लंदन, माले सहित कई शहरों की उड़ानों में विलंब की स्थिति रही।