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नई सरकार का राजधानी को पहला तोहफा: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरेंगे वाहन, पहला खंड बनकर हुआ तैयार

Sat, 15 Feb 2025 06:12 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एक्स्प्रेस-वे से जहां एक ओर यमुनापार में वाहनों का दबाव कम होगा, वहीं दूसरी ओर दिल्ली वालों को इस हिस्से में कोई भी टोल नहीं देना होगा। एक्सप्रेसवे के इस हिस्से में अक्षरधाम, गांधी नगर-गीता कॉलोनी, आईएसबीटी-दिलशाद गार्डन मार्ग, खजूरी पुस्ता मार्ग और सिग्नेचर ब्रिज मार्ग पर एग्जिट और एंट्री पॉइंट बनाए गए हैं। 
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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे - फोटो : X/Indianinfoguide
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विस्तार
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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के पहले खंड का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसे इसी माह अंत तक शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में नई सरकार के गठन के बाद पहले खंड को शुरू करने की तारीख तय कर दी जाएगी। इसके शुरू होने जाने से यमुनापार में जाम की समस्या काफी हद कर कम हो जाएगी।

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दो हिस्सों में तैयार किया जा रहा हाईवे
एक्सप्रेस वे के पहले खंड की लंबाई 32 किलोमीटर है। इसको दो हिस्सों में तैयार किया जा रहा है। एक की लंबाई 14.75 किमी है। यह अक्षरधाम से शुरू होता है और लोनी बॉर्डर पर खत्म होता है। वहीं, दूसरे पैकेज की लंबाई 16.85 किलोमीटर है। यह लोनी से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) तक जाता है। पैकेज-एक की लागत 1100 और पैकेज-दो की लागत 1323 करोड़ है।

उद्घाटन की तारीख तय होना बाकी
पैकेज-एक में 6.398 किलोमीटर और पैकेज-दो में 11.244 किलोमीटर लंबा एलिवेटिड है। एक्सप्रेसवे को पिछले साल दिसंबर में ही शुरू करने की योजना थी, लेकिन बताया जा रहा है कि एलिवेटेड सेक्शन में वेयरिंग में फॉल्ट होने के कारण शुरू नहीं हो पाया है। वर्तमान में तकनीकी दिक्कत को दूर कर लिया गया है। सूत्रों ने बताया कि अक्षरधाम से लेकर यूपी गेट तक पैकेज-1 में 30 से अधिक वेयरिंग और लोनी से लेकर बागपत तक पैकेज-2 में 50 से अधिक वेयरिंग रिप्लेस करने का काम किया गया। यह काम अब लगभग पूरा हो चुका है। ऐसे में अब एक्सप्रेस-वे के उद्धाटन की तारीख तय करने को लेकर तैयारियां की जा रही है।

यमुनापार में कम होगा वाहनों का दबाव...
बता दें कि एक्स्प्रेस-वे से जहां एक ओर यमुनापार में वाहनों का दबाव कम होगा, वहीं दूसरी ओर दिल्ली वालों को इस हिस्से में कोई भी टोल नहीं देना होगा। एक्सप्रेसवे के इस हिस्से में अक्षरधाम, गांधी नगर-गीता कॉलोनी, आईएसबीटी-दिलशाद गार्डन मार्ग, खजूरी पुस्ता मार्ग और सिग्नेचर ब्रिज मार्ग पर एग्जिट और एंट्री पॉइंट बनाए गए हैं। इसमें शास्त्री पार्क रेडलाइट के पास अलग से एक लूप बनाया गया है। इसकी मदद से कश्मीरी गेट बस अड्डे की तरफ से आने वाले वाहनों का हाइवे पर जाना आसान होगा। इसी तरह से खजूरी खास में भी एग्जिट और एंट्री प्वाइंट बनाए गए हैं। खास बात यह है कि दिल्ली में एक्सप्रेसवे में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले यात्रियों को टोल नहीं देना होगा।
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दिल्ली में एंट्री और एग्जिट होगी आसान
अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेस वे के दिल्ली के हिस्से में एट्री और एग्जिट पॉइंट इस हिसाब से बनाया गया है कि दक्षिणी मध्य, उत्तरी और पूर्वी दिल्ली के वाहनों चालकों की आवाजाही आसान हो सके। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे, विकास मार्ग, गीता कॉलोनी यमुना पुल, शास्त्री पार्क, सिग्नेचर ब्रिज इन सभी मार्गों से आने वाले वाहन चालकों को एक्सप्रेस वे पर चढ़ने के लिए एंट्री पॉइंट बनाए गए हैं। साथ ही एक्सप्रेस-वे से निकलने के लिए एग्जिट पॉइंट भी बनाए गए हैं।
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