दिल्ली क्राइम ब्रांच ने नोएडा स्थित हेल्थ डिपार्टमेंट से किडनी कांड संबंधित दस्तावेज और रिपोर्ट मांगी है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सूत्र से यह जानकारी मिली है। इससे पहले क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने सीएमओ कार्यालय से किडनी ट्रांसप्लांट की अनुमति से जुड़े रिकॉर्ड कब्जे में ले लिए थे। इसके साथ ही जिला स्तरीय अंग प्रत्यारोपण समिति के फैसले भी जांच के दायरे में आ गए।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 से अब तक किडनी ट्रांसप्लांट के लिए दी गईं तमाम अनुमतियों की जांच होगी। इनमें गौतमबुद्ध नगर के यथार्थ अस्पताल के अलावा फोर्टिस अस्पताल, जेपी और प्राइमाकेयर सुपस्पेशियिलिटी अस्पताल में किए गए प्रत्यारोपण के मामले शामिल हैं।
इस मामले में अब तक तीन बांग्लादेशी समेत कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। क्राइम ब्रांच के सूत्र के मुताबिक इस मामले में नोएडा स्थित अस्पताल से कुछ अन्य डाक्टरों और उसके सहयोगियों की भूमिका तफ्तीश में आ सकती है। लिहाजा विस्तार से पूछताछ हो रही है।