दिल्ली के गुरुद्वारा रकाब गंज कोविड सेंटर में हैप्पीनेस थेरेपी में फिल्मी गाना बजाने का मामला थम नहीं रहा है। इसे लेकर दिल्ली में सिख सियासत गरमा गई है। आरोप-प्रत्यारोप के साथ ही अकाल तख्त साहिब तक इसकी शिकायत पहुंच गई है। सोमवार को इसे लेकर गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में भी सिख राजनीतिक पार्टियों ने अरदास भी की।
गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में फिल्मी गीत बजाने के कारण मर्यादा की उड़ी धज्जियों को लेकर सिख समुदाय ने पश्चाताप किया। इस दौरान क्षमा याचना अरदास समूह में किया गया। जागो पार्टी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह जीके ने अरदास के बाद बताया कि हैप्पीनेस थेरेपी के दौरान गुरू की मर्यादा का उल्लंघन किया गया। इसे सिख संगत को सदमा पहुंचा है।
लिहाजा अरदास के माध्यम से गुरू तेग बदादुर साहिब के चरणों में पश्चाताप किया गया। हैप्पीनेस थेरेपी के नाम पर रोमांटिक फिल्मी गीतों को बजाना ठीक नहीं है। सिख परंरपरा के खिलाफ है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने तो यहां तक कहा है कि जल्द से जल्द गुरुद्वारा परिषद से कोविड सेंटर को हटाना चाहिए और मरीजों को कही दूसरी अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए।
वहीं बचाव में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव व शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने कहा है कि गुरु तेग बहादुर कोरोना केयर सेंटर में बनी वीडियो को 6 जून 1984 के साका दिवस के साथ जोडना ठीक नहीं है।
कालका ने बताया कि यह वीडियो 10 दिन पहले कोरोना केयर सेंटर में डॉक्टरों द्वारा थेरेपी के रूप में बनाई गई थी। प्रबंधकों को पता लगने पर उन्होंने तुरंत ना केवल इसे रोका बल्कि डॉक्टरों को यह भी बताया कि ऐसा ना किया जाए।
कोरोना केयर सेंटर में गुरबाणी शब्द के साथ मरीजों के मन को पक्का किया जा रहा है। किसी के मन को ठेस पहुंची है तो माफी मांगते हैं। कोरोना केयर सेंटर शुरु किए जाने की पूरी दुनिया में प्रशंसा की जा रही है। पिछले तीन दिनों से वीडियो को लेकर गंदी राजनीति की जा रही है।