हाईकोर्ट ने कोरोना महामारी को देखते हुए दैनिक वेतन भोगी निर्माण मजदूरों को पांच हजार रुपए का अतिरिक्त मुआवजा दिए जाने के मामले में दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने सरकार से कहा कि जो भी मजदूर दिल्ली भवन निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड से पंजीकृत है, उन सभी की लिस्ट जारी करें और बताए कि किसको कितना मुआवजा दिया गया। अदालत ने कहा कि यदि मुआवजा प्रदान नहीं किया गया तो उसकी वजह स्पष्ट की जाए।
अदालत ने कहा कि जिन मजदूरों को अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है उसको संबंध में क्या ठोस कदम उठाए जा रहे है। अदालत ने मामले की सुनवाई 17 अगस्त के लिए स्थगित कर दी है। दिल्ली सरकार ने कोरोना महामारी को देखते हुए पिछले साल सभी मजदूरों को पांच हजार रुपए का मुआवजा दिए जाने की घोषणा की थी। एक मजदूर ने याचिका दाखिल कर कहा कि घोषणा किए जाने के बावजूद उसे अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है। अदालत ने सरकार को यह भी स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता को मुआवजा देने को लेकर अभी तक क्या सब कदम उठाया है।